
गौवध का मामला सामने आया (photo source- Patrika)
CG News: मरकाबेड़ा गांव से एक संवेदनशील और विवादित मामला सामने आया है, जहां मृत्युभोज के दौरान मांस के लिए कथित तौर पर गौवध किए जाने की घटना ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है। जानकारी के अनुसार, मरकाबेड़ा गांव में एक परिवार द्वारा मृत्युभोज का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में सामूहिक भोज की तैयारी चल रही थी, जिसके लिए कथित रूप से गौमांस पकाए जाने की व्यवस्था की जा रही थी। बताया जा रहा है कि भोज स्थल पर बोरों में भरकर मांस लाया गया था।
मामले का खुलासा तब हुआ जब गौरक्षा दल को इसकी सूचना मिली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच के दौरान दो गोवंश के कटे हुए अवशेष बरामद किए गए। पुलिस ने बरामद मांस और अवशेषों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि गोवंश की मृत्यु प्राकृतिक थी या उसकी हत्या की गई थी।
यह मामला एक ओर जहां कानून और धार्मिक संवेदनशीलता से जुड़ा हुआ है, वहीं दूसरी ओर आदिवासी परंपराओं और आधुनिक कानून के बीच टकराव को भी उजागर करता है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि वास्तविक तथ्य क्या हैं और प्रशासन इस मामले में किस प्रकार संतुलित कार्रवाई करता है।
आरोपी रामलाल वड्डे के अनुसार, ‘‘गायता पखना के दौरान सभी सगे-संबंधियों को भोज पर बुलाया गया था। रात में एक बैल मर गया था, जबकि दूसरा बैल अकेले किसी काम का नहीं था, इसलिए उसे भी भोज में उपयोग किया गया। आदिवासी समाज में बैल मारना प्रतिबंधित है, लेकिन हमारे देवी-देवता इसे नहीं मानते।’’
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में घर मालिक ने स्वीकार किया कि उसके एक बैल की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी, जबकि दूसरे बैल को उसने स्वयं मारकर मांस के लिए उपयोग किया। आरोपी का कहना है कि यह कार्य स्थानीय आदिवासी रीति-रिवाजों के तहत किया गया।जानकारी के मुताबिक, मृतक के नाम पर पत्थर स्थापित करने की पारंपरिक ‘गायता पखना’ रस्म से पहले सामूहिक भोज आयोजित किया जाता है, जिसमें मांसाहार शामिल होता है। इसी परंपरा के तहत गोमांस पकाने की तैयारी की जा रही थी।
नारायणपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऐश्वर्य चंद्राकर ने बताया कि गोवंश (बैल) के मारे जाने की सूचना पर मरकाबेड़ा में छापेमारी की गई। मौके से दो आरोपी—रामलाल वड्डे और शोभी वड्डे—को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने घटनास्थल से पशु के अवशेष, जैसे सींग और मांस, बरामद किए हैं। आरोपियों के खिलाफ कृषि पशु परिरक्षा अधिनियम की धारा 4, 5 और 10 के तहत कार्रवाई की जा रही है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
Published on:
24 Apr 2026 02:25 pm
बड़ी खबरें
View Allनारायणपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
