
लापरवाही से मासूम की मौत (photo source- Patrika)
CG News: अबूझमाड़ क्षेत्र के गट्टाकाल गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव ने एक मासूम की जान ले ली। यहां एक वर्ष की बच्ची की मलेरिया के कारण मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। जानकारी के मुताबिक बच्ची को तेज बुखार आ रहा था, लेकिन दुर्गम इलाके और संसाधनों की कमी के कारण परिजन उसे समय पर किसी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र तक नहीं ले जा सके।
मजबूरी में गांव में ही उपलब्ध एक स्थानीय व्यक्ति से उसकी जांच कराई गई, जिसमें मलेरिया पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई। हालांकि, जांच के कुछ ही देर बाद बच्ची की हालत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि इस क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही लंबे समय से बनी हुई है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य कर्मियों की टीम गांव में नियमित रूप से नहीं पहुंचती और केवल औपचारिकता निभाने के लिए एक-दो महीने में कभी-कभार दौरा कर लौट जाती है।
दौरे के दौरान कुछ सामान्य दवाइयां और मलेरिया जांच किट गांव में छोड़ दी जाती हैं, जिनके सहारे ही ग्रामीणों को इलाज करना पड़ता है। लेकिन इन किटों और दवाओं का सही उपयोग करने के लिए प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की आवश्यकता होती है, जो यहां उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में अनजान या अप्रशिक्षित लोगों द्वारा किया जा रहा उपचार कई बार मरीजों के लिए घातक साबित हो जाता है। गांव में न तो कोई स्थायी स्वास्थ्य केंद्र मौजूद है और न ही आपातकालीन चिकित्सा सुविधा।
CG News: गंभीर रूप से बीमार मरीजों को इलाज के लिए दूर-दराज के अस्पतालों तक ले जाना पड़ता है, जो खराब सड़क और परिवहन की कमी के कारण बेहद कठिन हो जाता है। कई बार मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। इस दर्दनाक घटना के बाद गांव के लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
साथ ही उन्होंने यह भी मांग उठाई है कि गांव में नियमित रूप से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, मोबाइल मेडिकल यूनिट की व्यवस्था की जाए और समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और लोगों को समय पर इलाज मिल सके।
Updated on:
07 Apr 2026 10:44 am
Published on:
07 Apr 2026 10:44 am
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