वरमाला हो चुकी थी…मेहमान वर-वधु को आशीर्वाद दे रहे थे। शादी की रस्में आगे बढ़तीं इससे पहले ही अचानक दूल्हा अपने पिता के साथ भाग लिया। दरवाजे से बारात लौटती देख दुल्हन बन खड़ी युवती के होश उड़ गए और मंडप में बैठने के बजाय वो सीधे थाने पहुंच गई। वहां फूट-फूट कर रोती रही…
MP Indian Wedding: वरमाला हो चुकी थी…मेहमान वर-वधु को आशीर्वाद दे रहे थे। शादी की रस्में आगे बढ़तीं इससे पहले ही अचानक दूल्हा अपने पिता के साथ भाग लिया। आखिर क्यों? ये मामला किसी प्रेमी का नहीं है… न ही प्रेम की कोई कहानी है… बात बरसों पुरानी है.. लेकिन कुछ परिवारों को प्रतिबंध सजा का कोई खौफ नहीं है… इसीलिए रस्म उन्हें आज भी चलानी है। न बदनामी का डर न ही पुलिस का खौफ… यहां हम बात कर रहे हैं सामाजिक कुप्रथा 'दहेज' की।
कितनी हैरानी की बात है कि इतनी सख्त सजा के वावजूद लोग आज भी दहेज मांगने और युवतियों और उनके परिवारों की बदनामी करने से नहीं चूक रहे हैं। नर्मदापुरम के इस मामले में भी दहेज का विवाद इतना बढ़ा कि दूल्हा अपने पिता के साथ बारात लेकर लौट गया। उसके बाद दुल्हन बनीं युवती को कुछ नहीं सूझा शादी का बंधन बंधने से पहले ही टूटा तो उसकी आंखें भर जरूर आईं, लेकिन उसने साहस दिखाते हुए थाने की ओर कदम बढ़ा दिए। इधर बारात लौटी तो शादी के लिए सजे मंडप में हड़कंप मच गया। लोग दुल्हन के परिवार के साथ ही दुल्हे के परिवार की हरकतों पर भी बातें बनाते नजर आए।
मामले में सामने आया है कि शादी से पहले वर पक्ष ने वधु पक्ष से 3 लाख रुपए कैश और बाइक की डिमांड की थी। लेकिन वधु पक्ष ये डिमांड पूरी नहीं कर पाया। शादी समारोह के दिन भी वर पक्ष ने कहा बाइक और कैश नहीं दिया तो शादी नहीं करेंगे।
नर्मदापुरममें इस युवती का परिवार लालच की भेंट चढ़ गया। युवती का कहना है कि अपने घर में भाई-बहनों में वह सबसे बड़ी है। उसकी शादी भोपाल के गौतम नगर के मनीष डोडिया से 30 जनवरी 2026 को तय हुई थी। 2 फरवरी को मनीष ने फोन कर शादी के इंतजामों की जानकारी ली। परिवार ने साफ कह दिया था कि वे अपनी क्षमता अनुसार ही विवाह कर पाएंगे।
पिता के साथ हुई बातचीत के बावजूद 6 फरवरी को मनीष के पिता देवनारायण डोडिया पीड़िता के घर पहुंचे और शादी धूमधाम से करने का दबाव बनाया। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हुआ तो शादी नहीं करेंगे। शादी की पत्रिकाएं बंट चुकी थीं, इसलिए मजबूरी में पीड़िता के परिवार ने रिश्तेदारों से पैसे उधार लेकर धर्मशाला बुक की और सामान खरीदा। 12 फरवरी को बारात पहुंची, दोपहर में सगाई हुई, जिसमें दूल्हे को सोने की अंगूठी और 5100 रुपए नगद दिए गए। शाम को बारात के दौरान सोने की चेन भी दी गई, लेकिन वरमाला के बाद दूल्हा मनीष और उसके पिता देवनारायण ने दहेज में 3 लाख रुपए नगद और बाइक की मांग रख दी।
पीड़िता के भाई मां और रिश्तेदारों ने समझाने की कोशिश की लेकिन मेहमानों की मौजूदगी में और इतनी जल्दी रकम व बाइक की व्यवस्था संभव नहीं हो पाने के कारण बाद में देने की विनती भी की। लेकिन दूल्हा और उसके पिता नहीं माने। उन्होंने वधु पक्ष से मिली सोने की चेन और अंगूठी वापस कर दी और बिना शादी किए बारात लेकर लौट गए।
शादी टूटने के बाद से युवती मानसिक तनाव में है। दूल्हे और उसके पिता पर FIR के बाद पीड़िता हाथों और पैरों में लगी मेहंदी के साथ कोतवाली थाने पहुंची। जहां उसने एसआई दीपिका लोखंडे के सामने अपने बयान दर्ज कराए। बयान देते समय युवती भावुक हो गई और वह फूट-फूट कर रो पड़ी। एसआई दीपिका ने उसे समझाया और कार्रवाई के लिए आश्वस्त करते हुए उसे घर भेजा।
मामले में एक हफ्ते बाद पुलिस ने दूल्हे और उसके पिता के खिलाफ दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत केस दर्ज किया है।