नर्मदापुरम

एमपी के वैज्ञानिकों ने 7 साल शोध कर तैयार किया बीज, ‘स्वदेशी ओट्स’ से ऑस्ट्रेलिया-ब्राजील पर निर्भरता खत्म

Indigenous Oats : पवारखेड़ा अनुसंधान केंद्र ने 2017 में शोध शुरू किया गया था। 2023 में वैज्ञानिकों ने जेडडब्ल्यूजीओ 01 किस्म तैयार की है।

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Indigenous Oats
Indigenous Oats ('स्वदेशी ओट्स' से ऑस्ट्रेलिया-ब्राजील पर निर्भरता खत्म Photo Source- Patrika)

Narmadapuram News : ग्रेन ओट्स पर ऑस्ट्रेलिया और ब्राजील पर निर्भर रहने वाले भारत ने स्वदेशी ग्रेन ओट्स (दाना) तैयार किया है। नर्मदापुरम जिले के पवारखेड़ा के गेहूं अनुसंधान केंद्र में 7 साल शोध के बाद गेहूं - धान के बीज की किस्म तैयार की गई है। मध्य प्रदेश के किसान 2500 एकड़ में खेती कर रहे हैं।

बता दें कि, देश - प्रदेश के शहरों में सुपरफूड ओट्स की खपत तेजी से बढ़ रही है। उत्पादन कम होने से देश में लगभग 90 फीसदी ओट्स का आयात किया जाता है। अनुसंधान केंद्र ने 2017 में शोध शुरू किया गया था। 2023 में वैज्ञानिकों ने जेडडब्ल्यूजीओ 01 किस्म तैयार की है। भारत सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद स्वदेशी ग्रेन ओट्स के बीज बनाए गए है। इससे मध्य प्रदेश के गुना और अशोकनगर क्षेत्र में किसानों ने उत्पादन शुरू किया है। अब देश की कई कंपनियां इस ओट्स की खरीदी भी करने लगी हैं।

इसलिए खास है ग्रेन ओट्स

ग्रेन ओट्स के दानों में मुख्य रूप से क्रूड फाइबर 1.42 ग्राम, वसा 6.77 ग्राम, प्रोटीन 16.78 ग्राम, कार्बोहाइड्रेट 66.8 ग्राम, इंसायटरी फाइबर 10.21 ग्राम, कोलेस्ट्रॉल 1.0 ग्राम और ग्लूकोन 4.58 ग्राम है। ऐसे में ये खासतौर पर हृदय रोगियों के लिए रामबाण कहा जाता है।

कईं कंपनियों ले रही ओट्स

पवारखेड़ा अनुसंधान केंद्र में गेहूं परियोजना के वरिष्ठ वैज्ञानिक के.के मिश्रा का कहना है कि, हमारे विकसित बीज से 2500 एकड़ में ओट्स की खेती हो गई है। कई कंपनियां किसानों से ओट्स लेने लगी हैं।

क्या है ओट्स ?

ओट्स एक संपूर्ण अनाज है, जिसे अंग्रेज़ी में Oats कहा जाता है। ये जौ और गेहूं की तरह ही एक पौष्टिक अनाज है, जो विशेष रूप से फाइबर, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होता है। ओट्स शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देने है और भूख नियंत्रित रखने में मददगार होता है। इसका वैज्ञानिक नाम Avena sativa होता है, जिसे आम तौर पर हेल्दी नाश्ते के रूप में दलिया, स्मूदी या ओवरनाइट ओट्स के रूप में खाया जाता है।

कैसे बनता है ओट्स ?

ओट्स की खेती ठंडे इलाकों में की जाती है। फसल काटने के बाद इसे कंपनियां खरीदती हैं और सबसे पहले इसके बीजों को साफ कर भुना जाता है। इसके बाद उनके छिलके हटाए जाते हैं। फिर उन्हें विभिन्न तरीकों से प्रोसेस कर अलग-अलग तरीकों से ओट्स तैयार किया जाता है, जैसे…।

-स्टील कट ओट्स: सबसे कम प्रोसेस किए हुए ओट्स, जिनमें अधिक मात्रा में पोषण होता है। ये ज्यादा पौष्टिक और फाइबर से भरपूर होते हैं।
-रोल्ड ओट्स: हल्के भुने हुए और फ्लैट किए गए ओट्स, जो दलिया और स्मूदी के लिए बेहतर होते हैं।
-क्विक ओट्स: जल्दी पकने वाले ओट्स जो कम समय में तैयार हो जाते हैं।
-इंस्टेंट ओट्स: सबसे अधिक प्रोसेस किए हुए ओट्स, जो तुरंत खाने के लिए उपयुक्त होते हैं।

ओट्स खाने के फायदे

ओट्स के कई स्वास्थ्य लाभ हैं, जो शरीर के करीब हर हिस्से के लिए लाभकारी होता है। ऐसे में हम जानते हैं कि, ओट्स को हेल्थ सुपरफूड क्यों कहा जाता है।

-वजन घटाने में मददगार

अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं तो ओट्स आपके लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है। इसमें मौजूद बीटा ग्लूकन फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, जिससे ओवरईटिंग की संभावना कम होती है। इसके नियमित सेवन से कैलोरी नियंत्रण में रहती है और वजन घटाने में सहायता मिलती है।

-दिल के लिए फायदेमंद

ओट्स में मौजूद घुलनशील फाइबर खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और हृदय की सेहत में सुधार लाता है।
नियमित रूप से ओट्स खाने से दिल की बीमारियों का खतरा घटता है और ब्लड प्रेशर भी नियंत्रित रहता है।

-डायबिटीज कंट्रोल रखने में मददगार

ओट्स का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे ब्लड शुगर धीरे-धीरे बढ़ता है। यही कारण है कि यह डायबिटीज के मरीजों के लिए एक आदर्श भोजन है। अगर आप फ्लेवर्ड या मीठे ओट्स की जगह सादे ओट्स का सेवन करें, तो यह ब्लड शुगर को स्थिर रखने में मदद करता है।

-पाचन तंत्र बनाता है मजबूत

ओट्स में फाइबर की मात्रा अधिक होती है जो पाचन क्रिया को बेहतर और मजबूत बनाता है। अगर आपको कब्ज या गैस की समस्या रहती है, तो सुबह के नाश्ते में ओट्स शामिल करना पाचन को स्वस्थ रखने में मदद करेगा।

-स्किन और बालों को रखे स्वस्थ

ओट्स में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और जिंक त्वचा को चमकदार और बालों को मजबूत बनाते हैं।
इसे फेस पैक के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है क्योंकि यह स्किन को सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाता है।

-हड्डियां-मांसपेशियां बनाए मजबूत

ओट्स में मैग्नीशियम, आयरन और प्रोटीन होते हैं जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और मांसपेशियों की मरम्मत में सहायक होते हैं। जो लोग जिम करते हैं या फिटनेस पर ध्यान देते हैं उनके लिए ओट्स एक संतुलित फूड है।

कब खाना चाहिए ओट्स ?

अपनी सेहत के प्रति जागरुकता रखने वाले बड़ी संख्या में मौजूद लोग यह जानना चाहते हैं कि ओट्स कब खाना चाहिए ताकि अधिकतम लाभ मिल सके। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. संजीव शुक्ला के अनुसार, सबसे अच्छा समय सुबह का नाश्ता माना जाता है, क्योंकि ये दिनभर ऊर्जा देता है और भूख को नियंत्रित रखता है। वर्कआउट के बाद ओट्स लेना भी अच्छा विकल्प है, क्योंकि इसमें मौजूद प्रोटीन मसल रिकवरी में मदद करता है। अगर आप हल्का और जल्दी डिनर करना चाहते हैं तो रात में भी ओट्स खाया जा सकता है।

ओट्स खाने के सही तरीके

-ओट्स दलिया दूध या पानी के साथ बनाएं
-ओवरनाइट ओट्स में दही, फल और नट्स मिलाएं
-ओट्स उपमा या ओट्स चिल्ला नाश्ते के लिए बेहतरीन विकल्प हैं
-ट्स स्मूदी और एनर्जी बार स्वाद और पोषण दोनों देते हैं

डायबिटीज नियंत्रक और पाचन सुधारने में प्रभावी

-ओट्स एक छोटा दिखने वाला लेकिन बेहद पौष्टिक सुपरफूड है जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है।
-यह वजन घटाने, दिल की सेहत, डायबिटीज नियंत्रण और पाचन सुधारने में प्रभावी है।

Published on:
23 Jun 2026 10:13 am