
PM Shri School : केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना कही जाने वाली प्राइम मिनिस्टर स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया यानी पीएम श्री स्कूल का उद्देश्य छात्रों को बेहतर व्यवस्थाओं के साथ आधुनिक शिक्षा देना है। योजना की शुरुआत खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 सितंबर 2022 को की थी। योजना के तहत कई शासकीय स्कूलों को चुना गया था, ताकि उन स्कूलों में मिलने वाली व्यवस्थाओं पर खासा सुधार किया जा सके। लेकिन, केंद्र सरकार की इस योजना पर सरकारी अधिकारी पलीता लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
इसी योजना के तहत मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के अंतर्गत आने वाले इटारसी के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भी आता है। लेकिन, विभाग के अधिकारी पीएम श्री योजना से संचालित हो रहे इस स्कूल की व्यवस्थाओं पर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। इससे सीधे तौर पर केंद्र सरकार की इस महत्वकांक्षी योजना की बदनामी होना तक शुरु हो गई है।
दरअसल, यहां स्थित पीएम श्री विद्यालय में बारिश के दिनों में छात्राओं को सांप, बिच्छू और घुटने-घुटने पानी का सामना कर पहुंचना पढ़ता है। स्कूल में कक्षा 1 से लेकर 12वीं की छात्राओं को बारिश के दिनों में पानी की समस्या से खासा जूझना पढ़ता है। मौजूदा समय की बात करें तो पीएम श्री शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शासकीय प्राथमिक शाला परिसर तालाब में तब्दील हो गया है। छात्रों को फिलहाल घुटने-घुटने भर पानी से गुजरकर क्लॉस रूम तक पहुंच रहे हैं। छात्राओं का कहना है कि स्कूल परिसर में कई बार कमर तक पानी भर जाता है।
परिसर में भरे पानी में छात्राओं के ऊपर सांप बिच्छू के काटने का खतरा मंडराता रहता है। लेकिन जिम्मेदार विभाग पीएम श्री स्कूल की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए ठोस प्रयास नहीं करते। परिसर में भरे पानी की निकासी के लिए स्कूल प्रबंधक की तरफ से कोई ठोस प्रयास नहीं किये जा रहे। पानी भरा होने से छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। छात्राओं का कहना है कि गंदे कीचड़ वाले पानी से गुजरकर आना पड़ता है। इससे बड़ी समस्या ये है कि पूरी क्लास की अवधि में उन्हीं कीचड़नुमा भीगे कपड़े पहने क्लास में बैठे रहना पड़ता है। कई बार पानी में मौजूद कीड़े काट तक लेते हैं।
छात्राओं का कहना है कि हमने हर साल की तरह इस साल भी बारिश आने से पहले ही स्कूल प्रबंधक से इस समस्या का ठोस निराकरण करने की मांग की है, ताकि पढ़ने आने में हो रही समस्याओं से मुक्ति मिल सके। लेकिन हर बार की तरह इस बार भी स्कूल प्रबंधक ने कोई भी ठोस प्रयास नहीं किया, जिसका नतीजा ये है कि क्लास रूम के बाहर स्कूल परिसर में गंदा बदबूदार पानी पूरी बारिश भरा रहेगा।