
Narmadapuram - मध्यप्रदेश में किसान एक बार फिर आंदोलन की तैयारी में हैं। नर्मदापुरम और हरदा जिले के किसान मुख्यत: शत-प्रतिशत मूंग खरीदी की मांग कर रहे हैं। इसके लिए एक दर्जन से ज्यादा किसान संगठनों ने संयुक्त किसान मोर्चा बना लिया है जिसके बैनर भोपाल में बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है। किसानों ने खाद वितरण के लिए ई-टोकन व्यवस्था की भी बात कही है। अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करने भोपाल आ रहे किसानों को नर्मदापुरम में रोक लिया गया है। इससे गुस्साए किसानों ने साफ धमकी दी कि हम नर्मदाजी में कूद जाएंगे। दोनों जिलोें के सैंकड़ों किसान लामबंद हो गए हैं जिससे प्रशासन के हाथ पैर फूल गए हैं।
भोपाल रवाना होने से पहले किसान नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर एकत्रित हुए। यहां हनुमान चालीसा का पाठ किया।
भोपाल आ रहे आंदोलनकारी किसानों को रोकने के लिए नर्मदापुरम और हरदा जिले में पुलिस को सतर्क किया गया है। दोनों जिलों के सभी प्रमुख शहरों नर्मदापुरम, इटारसी, पिपरिया, माखननगर, सिवनी मालवा, हरदा, टिमरनी, रहटगांव आदि में पुलिस चैकिंग में जुटी है। हरदा के किसानों को नर्मदापुरम और भोपाल आने से रोकने के लिए पुलिस ने गंजाल नदी पर बैरिकेडिंग की है।
नर्मदापुरम के सभी प्रमुख मार्गों पर पुलिस तैनात है जोकि किसानों को रोक रही है। यहां के भोपाल चौराहे पर आवागमन बंद कर दिया गया है। डोंगरवाड़ा तिराहे पर खुद कलेक्टर सोमेश मिश्रा, एसपी साईं कृष्णा एस थोटा किसानों के प्रदर्शन नजर रख रहे हैं। एसपी साईं कृष्णा एस थोटा के मुताबिक किसानों को मार्च करने की मंजूरी नहीं दी गई है।
प्रशासन और पुलिस के अधिकारी बैरिकेडिंग कर किसानों को रोकने में लगे हैं। एक दर्जन से ज्यादा किसान नेताओं को हिरासत में लिया जा चुका है। नर्मदापुरम जिला मुख्यालय पर जबर्दस्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
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