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‘तुम बिन जाऊं कहां’ गाने पर सांभर को पोहा खिलाते बनाई रील, नर्मदापुरम में वन विभाग के प्रभारी सस्पेंड

Feeding Poha to Sambar Deer- सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से वन विभाग के अधिकारी का चौंका देने वाला वीडियो वायरल हुआ है जिसमे वह सांभर हिरण को पोहा खिला रहा है।
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Satpura Tiger Reserve Video forest department official feeding poha to sambar deer suspended

Satpura Tiger Reserve Video- नर्मदापुरम में वन विभाग के प्रभारी सस्पेंड (फोटो सोर्स- Patrika)

Satpura Tiger Reserve Video- मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में स्थित सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां इंसानियत दिखाना एक वन अधिकारी को भारी पड़ गया। वन विभाग के प्रभारी सहायक संचालक विनोद वर्मा द्वारा एक सांभर (हिरण) के बच्चे को पोहा खिलाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। जानकारी के लिए बता दें कि, जंगल के जानवरों को इस तरह इंसानों द्वारा खाई जाने वाली चीजें खिलाना प्रतिबंधित है, क्योंकि इससे उनके प्राकृतिक व्यवहार और खानपान पर असर पड़ता है।

क्या है वीडियो में?

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में पदस्थ एसडीओ विनोद वर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में गायक किशोर कुमार का गीत 'तुम बिन जाऊं कहां' बैकग्राउंड में बज रहा है। वीडियो में विनोद शर्मा खुद कुर्सी पर बैठे हुए थे और सांभर को पोहा खिला रहे थे। सांभर उनके पास खड़ा होकर प्यार से पोहे का स्वाद ले रहा था। किसी ने यह वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। बताया जा रहा है कि वीडियो 21 जून का है।

विभाग ने की कार्रवाई, अधिकारी निलंबित

वीडियो सामने आते ही विभाग हरकत में आया और इसे वन्यजीव संरक्षण नियमों का उल्लंघन माना गया। इसी के चलते गुरूवार को कार्रवाई करते हुए एसडीओ विनोद वर्मा को निलंबित कर दिया गया। निलंबन के दौरान वह सहायक संचालक कार्यालय पिपरिया से अटैच रहेंगे। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक राखी नंदा ने प्रमुख सचिव के निर्देश पर उन्हें सस्पेंड करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग ने इसे मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन माना है।

वन्यजीवों को क्यों नहीं खिलाना चाहिए इंसानो का खाना?

वन्यजीव सेवाओं के विशेषज्ञों के अनुसार, मनुष्यों का खाना जंगली जानवरों की सेहत के लिए अच्छा नहीं होता है। उनका अलग खाना होता है और अगर उन्हें इंसानी खाना या गलत खाना खिलाया गया तो वह कुपोषित हो सकते हैं। इंसानी खाना खाने से वन्यजीवों के स्वभाव में बदलाव आ सकते है। वह लोगों से डरना बंद कर देते हैं और अग्रेसिव हो सकते हैं। इसके अलावा अगर उन्हें मनुष्यों वाला खाद्य पदार्थ दिया जाता है तो वह शिकार करना, भोजन की तलाश करना या मृत जानवरों का मांस खाना बंद कर देते हैं, जैसा कि वे स्वाभाविक रूप से करते हैं। जानवरों की आबादी प्राकृतिक भोजन की उपलब्धता पर निर्भर करती है। बाहर का खाना मिलने से उनकी आबादी असामान्य रूप से बढ़ सकती है, जिससे जंगल के बाकी इकोसिस्टम पर बुरा असर पड़ता है।