24 जून 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नर्मदापुरम में बन रही 20 नई सड़कें, ’90 किमी.’ की रोड पर दौड़ेंगे वाहन

Approach road: औबेदुल्लागंज से केसला तक 20 सीसी सड़कों को निर्माण किया जाएगा। सीमेंट सडकें भारी वाहनों के बजन को आसानी से सहन कर जाएंगी।
2 min read
Google source verification
New roads in Narmadapuram:एनएचएआई ने शुरु किया काम (Photo Source- freepik)

New roads in Narmadapuram:एनएचएआई ने शुरु किया काम (Photo Source- freepik)

New roads in Narmadapuram: मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में औबेदुल्लागंज से केसला तक जाने वाले फोरलेन 46 पर राहगीरों को जर्जर एप्रोच रोड से मुक्ति मिल जाएगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) फोरलेन के मरम्मत के बाद भी बार-बार खराब होने वाली डामर की एप्रोच रोड को हटाकर सीमेंट की मजबूत सडक़ बना रहा है।

यह सड़के रेत परिवहन करने वाले डंपर, हाईवा डामर के भार से खराब नहीं होंगी, फोरलेन का यातायात भी सुरक्षित हो जाएगा। फोरलेन-46 पर भारी वाहन एप्रोच रोड के जरिए पहुंचे हैं। एप्रोच रोड पर एनएचएआई ने लगभग 44 करोड़ की लागत से लगभग 90 किलो मीटर के फोरलेन पर 20 किलो मीटर की एप्रोच रोड का सीमेंटीकरण शुरू किया है।

बचेगा लाखों का खर्च

इसके तहत ग्राम घानाबढ़, माखननगर, रायपुर की 12 एप्रोच रोड से डामर सडक़ को तोड़ दिया गया है। इसके ऊपर सीमेंट की दो कोट में सड़क निर्माण किया जा रहा है। इस तरह औबेदुल्लागंज से केसला तक 20 सीसी सड़कों को निर्माण किया जाएगा। सीमेंट सडकें भारी वाहनों के बजन को आसानी से सहन कर जाएंगी। डामर सड़कों की मरम्मत पर बार बार होने वाले लाखों रुपए का खर्च भी बच जाएगा। प्राधिकरण पहले चरण में शहरी क्षेत्र उसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों को फोरलेन से जोड़ने वाली सड़कों का निर्माण किया जाएगा।

डामर से बनी एप्रोच रोड रेत बजन सहन नहीं कर पा रही थी। इसलिए सीमेंट से एप्रोच रोड बना रहे हैं। इसका निर्माण शुरू कर दिया गया है। - देव्यांश नुबल, प्रोजेक्ट डायरेक्टर एनएएचआई नर्मदापुरम

रेत परिवहन के ओवर लोड वाहन बने परेशानी

फोरलेन 46 पर प्रप्रोच रोड के जरिए ओवर लोड रेत परिवहन करने वाले भारी वाहन आवागमन कर रहे है। इनके भार से डामर सड़के बार-बार टूटती हैं। एनएचएआई ने प्रशासन को कई बार ओवरलोड वाहनों का आवागमन बंद कराने के लिए पत्र दिया लेकिन इस पर रोक नहीं लग सकी। इसलिए एनएचएआई ने एप्रोच रोड में ही बदलाव कर दिया है।

एप्रोच रोड पर तीन तरह से हो रहा

आवागमन-फोरलेन के प्रत्येक एप्रोच रोड पर चार सड़के हैं। सीमेंट सड़क के निर्माण के दौरान हर एप्रोच की तीन सड़कों पर आवागमन कराया जा रहा है। इसके लिए एनएचएआई ने बेरिकेड आदि लगाकर एक तरफ का यातायात बंद किया है।

वेस्टर्न बायपास को मिली मंजूरी

बीते दिन भोपाल वेस्टर्न बायपास को राज्य स्तरीय साधिकार समिति की मंजूरी मिल गई है। मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में हुई एसएलईसी की मीटिंग में वेस्टर्न बायपास को मंजूरी दी गई। अब यह कैबिनेट की मंजूरी के लिए जाएगा।