
Rahul Gandhi Pachmarhi Visit: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी 8 नवबर को मध्यप्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान वे पचमढ़ी में कार्यकर्ताओं से मुलाकात और संवाद करेंगे। संगठन सृजन अभियान के तहत पचमढ़ी में जारी जिलाध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर को भी संबोधित करेंगे।
राहुल पचमढ़ी में रात्रि विश्राम भी करेंगे और 9 नवबर को कार्यकर्ताओं के चर्चा करेंगे। इसके बाद रवाना होंगे। राहुल यहां कार्यकर्ताओं से ग्लोबल पॉलिटिक्स ऑफ इंडिया विषय पर संवाद करेंगे। संविधान चर्चा के साथ वोट चोरी पर भी चर्चा हो सकती है। राहुल के दौरे को लेकर कांग्रेस ने तैयारी कर ली है। राहुल कार्यकर्ताओं के बीच समय बिताएंगे। इस दौरान प्रदेश में कांग्रेस की नब्ज भी टटोलने का प्रयास करेंगे। (mp news)
राहुल गांधी पांच माह में दूसरी बात मध्यप्रदेश आ रहे हैं। इसके पहले वे संगठन सृजन अभियान के चलते 3 जून को भोपाल आए थे। कार्यकर्ताओं से संवाद किया था। स्पष्ट तौर से यह भी बताया था कि पार्टी में जिलाध्यक्ष ही पॉवरफुल होंगे। अब जबकि जिलाध्यक्ष के चुनाव हो चुके हैं तो राहुल फिर इन्हें संबोधित करने आ रहे हैं। जाहिर है राहुल के आने पर कार्यकर्ताओं को बूस्टर डोज मिलेगा। कार्यकर्ताओं में उत्साह बना रहे पार्टी का यही प्रयास है। अगले विधानसभा और लोकसभा चुनाव को फोकस रखकर पार्टी काम कर रही है। जिलाध्यक्षों का प्रशिक्षण भी इसी की कड़ी है।
पचमढ़ी में आयोजित कांग्रेस संगठन सृजन प्रशिक्षण शिविर के पांचवें दिन सभी जिला कांग्रेस अध्यक्षों एवं विधायकों के लिए ऽजाति, संविधान और राजनीति के विषय पर एक महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किया। इस सत्र का उद्देश्य भारतीय समाज और राजनीति में जाति की भूमिका, संविधान में उसके प्रावधानों तथा कांग्रेस के दृष्टिकोण की गहराई से समझ विकसित करना था।
सीडब्ल्यूसी के सदस्य एवं झारखंड के प्रभारी के. राजू ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा जाति हमारे सामाजिक और राजनीतिक जीवन की एक सच्चाई है, जिसे केवल परंपरा नहीं बल्कि समानता और सामाजिक न्याय के संदर्भ में समझना चाहिए। संविधान ने समानता और अवसर की समानता के माध्यम से जातीय भेदभाव को समाप्त करने का मार्ग प्रशस्त किया है, और कांग्रेस पार्टी सदैव इस भावना को व्यवहार में लाने के लिए प्रतिबद्ध रही है।
कार्यक्रम में कहा कि जाति जनगणना सामाजिक न्याय की दिशा में नीति निर्माण का सशक्त आधार बन सकती है। जाति, संविधान और राजनीति ये तीनों भारतीय लोकतंत्र के मूल तत्व हैं, और जब तक समानता तथा सामाजिक न्याय का लक्ष्य प्राप्त नहीं होता, तब तक संविधान की आत्मा अधूरी रहेगी। इस सत्र में जिला अध्यक्षों, प्रशिक्षणार्थियों ने भागीदारी की और संगठन निर्माण में समावेशी दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया। (mp news)