नरसिंहपुर

बेपटरी एंबुलेंस सेवाओं को पटरी पर लाने अब नोडल 108 को बदला, 3 दिन में नवागत को प्रभार देकर कराना होगा अवगत

जिले में लंबे समय से बेपटरी 108 एंबुलेंस सेवाओं को पटरी पर लाने एवं कर्मचारियों की मनमानी पर नकेल कसने स्वास्थ्य विभाग में बदलाव की बयार तेज हो गई है। कुछ दिन पहले सीएमएचओ के पत्र पर जहां सेवा संचालक कंपनी ने जिला प्रबंधक को हटाया था वहीं अब स्वास्थ्य विभाग ने नोडल 108 को बदल दिया है।
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जिले में लंबे समय से बेपटरी 108 एंबुलेंस सेवाओं को पटरी पर लाने एवं कर्मचारियों की मनमानी पर नकेल कसने स्वास्थ्य विभाग में बदलाव की बयार तेज हो गई है। कुछ दिन पहले सीएमएचओ के पत्र पर जहां सेवा संचालक कंपनी ने जिला प्रबंधक को हटाया था वहीं अब स्वास्थ्य विभाग ने नोडल 108 को बदल दिया है।
अस्पताल परिसर में कहीं भी खड़ी रहती हैं एंबुलेंस।

Health Department नरसिंहपुर. जिले में लंबे समय से बेपटरी 108 एंबुलेंस सेवाओं को पटरी पर लाने एवं कर्मचारियों की मनमानी पर नकेल कसने स्वास्थ्य विभाग में बदलाव की बयार तेज हो गई है। कुछ दिन पहले सीएमएचओ के पत्र पर जहां सेवा संचालक कंपनी ने जिला प्रबंधक को हटाया था वहीं अब स्वास्थ्य विभाग ने नोडल 108 को बदल दिया है। साथ ही बतौर प्रभारी नोडल कार्य देख रहे प्रभारी परिवार कल्याण रंजीत चौधरी को आदेशित किया है कि वह तीन दिन के अंदर 108 नोडल एवं वाहन शाखा का समस्त प्रभार नए प्रभारी परामर्शदाता एड्स नियंत्रण समिति प्रशांत सोनी को सौंपकर जानकारी दें। सीएमएचओ डॉ. मनीष मिश्रा द्वारा बीते बुधवार को जारी किए गए उक्त आदेश के बाद एंबुलेंस सेवाओं से जुड़े कई कर्मियों के चेहरों पर हवाइयां उड़ रहीं हैं।
जिले में लंबे समय से 108 एंबुलेंस सेवाओं का संचालन मनमाने ढंग से चलने के कारण न केवल शिकायतें बढ़ रहीं हैं बल्कि शासन ने जिस मंशा से उक्त सेवाओं की शुरूआत की है उस पर पानी फिर रहा है। लोगों में एंबुलेंस सेवा के प्रति विश्वसनीयता का संकट बढ़ रहा है। बीती 16 मई को सूरवारी निवासी हसन खान को एंबुलेंस कर्मियों के असंवेदनीशल रवैए के कारण ही अपनी मां को पीठ पर लादकर ले जाने की नौबत बनी थी, जिसे पत्रिका ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। उक्त मामले की उच्च स्तर तक पहुंची शिकायतों के बाद स्वास्थ्य विभाग भी व्यवस्था को सुधारने के लिए सेवाओं से जुड़े हर मामले में सुधार लाने के लिए तैयारी में जुट गया है। बताया जाता है कि नोडल 108 को बदले जाने की वजह विभागीय पत्र में जरुर प्रशासकीय कार्य सुविधा को बताया गया है। लेकिन विभाग के आला अधिकारी भी यह मान रहे हैं कि नोडल स्तर से एंबुलेंस सेवाओं के संचालन की निगरानी में जमकर कोताही हुईं जिससे सेवाओं का संचालन न केवल लगातार बिगड़ा बल्कि मरीजों की परेशानियों और शिकायतों में भी वृद्धि होने लगी।
वर्जन
नोडल 108 के प्रभार में बदलाव उच्च स्तर से मिले आदेश अनुसार किया गया है। हमें जैसा कहां गया था, हमनें वैसा ही किया है।
डॉ. मनीष मिश्रा, सीएमएचओ नरसिंहपुर

Updated on:
29 May 2026 01:05 pm
Published on:
29 May 2026 01:05 pm
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