महात्मा गांधी के दांडी मार्च से प्रेरित होकर 11 पूर्व वरिष्ठ सैन्य और आईपीएस अधिकारियों ने साबरमती से दांडी तक पदयात्रा शुरू की। एनसीसी कैडेटों की मौजूदगी में शुरू हुई यह यात्रा 17 जनवरी को दांडी पहुंचेगी।
देश के विभिन्न हिस्सों से आए 11 पूर्व वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और पूर्व आईपीएस अधिकारियों ने शनिवार को अहमदाबाद के साबरमती आश्रम से दांडी तक की पदयात्रा आरंभ की। नए वर्ष की शुरुआत में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ऐतिहासिक दांडी मार्च की भावना को जीवंत करने के उद्देश्य से यह पदयात्रा आरंभ हुई।
साबरमती आश्रम में एनसीसी कैडेटों की उपस्थिति में लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) अनिल पुरी के नेतृत्व में बापू को नमन किया। इसके बाद करीब सुबह करीब 7 बजे पदयात्रा आरंभ हुई जो 17 जनवरी को दांडी में समाप्त होगी।
यात्रा में शामिल प्रतिभागी प्रतिदिन लगभग 25 से 30 किलोमीटर पैदल चलेंगे। इस आयु में यह पदयात्रा इस बात का संदेश भी है कि उम्र उद्देश्य और फिटनेस की राह में बाधा नहीं बनती।
पदयात्रा में लखनऊ से लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी, बेंगलूरु से लेफ्टिनेंट जनरल एम.वी. सुचिंद्र कुमार, चेन्नई से भुवनेश्वर से ब्रिगेडियर तुषार मिश्रा, देहरादून से ब्रिगेडियर एस.के. चतुर्वेदी, नोएडा से ब्रिगेडियर गिरिश जोशी व कर्नल गिरीश भंडारी, जम्मू से कर्नल एमजेएस पठाणिया, लेफ्टिनेंट कर्नल वी श्रीनिवासन, पुणे आर के सिंह, हैदराबाद से कर्नल ललित गैरोला, चेन्नई से आईपीएस सेंगथिर सेल्वराज शामिल हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने बताया कि सुबह बापू को नमन करने के बाद 11 लोगों व एनसीसी कैडेटों के साथ वे पदयात्रा पर निकले। अहमदाबाद से असलाली होते हुए सभी पहले दिन नवागाम पहुंचे। रास्ते में भी कई एनसीसी कैडेट जुड़े जो वंदे मातरम, भारत माता की जय के नारे लगाते हुए साथ चले।