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बिहार में 18 लाख मृतक, 26 लाख शिफ्ट और 7 लाख लोगों के…SIR को लेकर चुनाव आयोग ने दिया बड़ा अपडेट

Special Intensive Revision: आयोग ने कहा है कि दस्तावेजों के साथ या बिना दस्तावेजों के गणना प्रपत्र जमा करने वाले प्रत्येक मतदाता को 1 अगस्त को प्रकाशित होने वाली मसौदा सूची में शामिल किया जाएगा।
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Updated: 22 Jul 2025, 8:56 PM IST
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(Photo-X @dmbettiah)

Bihar Election: बिहार में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने है। विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) का कार्य कर रही है। SIR को लेकर चुनाव आयोग ने मंगलवार को बड़ी जानकारी दी है। इलेक्शन कमीशन ने कहा कि SIR के दौरान 18 लाख मृतकों के नाम पाए गए हैं। इसके अलावा 26 लाख लोग दूसरे विधानसभा क्षेत्रों में जाकर रहने लग गए। वहीं 7 लाख लोगों के दो जगह वोटर लिस्ट में नाम पाए गए हैं।

आपत्तियां दर्ज कराने का होगा एक महीने का समय

चुनाव आयोग ने अपने बयान में कहा कि 24 जून  के एसआईआर आदेश के अनुसार 1 अगस्त से 1 सितम्बर  तक जनता के किसी भी सदस्य को मसौदा मतदाता सूची में किसी भी प्रकार के संशोधन, विलोपन और सुधार के लिए आपत्तियां दर्ज कराने के लिए पूरा एक माह का समय उपलब्ध होगा।

अंतिम सूची में किया जा सकेगा शामिल

आयोग ने कहा है कि दस्तावेजों के साथ या बिना दस्तावेजों के गणना प्रपत्र जमा करने वाले प्रत्येक मतदाता को 1 अगस्त को प्रकाशित होने वाली मसौदा सूची में शामिल किया जाएगा। यदि कोई मतदाता अपना गणना प्रपत्र जमा करने में असमर्थ रहा है, तो उसे घोषणा के साथ निर्धारित प्रपत्र में दावा प्रस्तुत करने के बाद अंतिम सूची में शामिल किया जा सकता है।

30 सितंबर को प्रकाशित होगी अंतिम सूची

चुनाव आयोग ने कहा कि पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी। प्रकाशन के बाद भी नामांकन की अंतिम तिथि तक नए मतदाताओं को नामांकित किया जा सकेगा। 

EF जमा नहीं करने वाले लोगों को खोज रहे

EC की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि बिहार में सभी 12 प्रमुख राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षों द्वारा नियुक्त लगभग 1 लाख बीएलओ, 4 लाख स्वयंसेवक और 1.5 लाख बीएलए सहित पूरी चुनाव मशीनरी उन मतदाताओं की खोज के लिए एक साथ काम कर रही है, जिन्होंने अभी तक अपने गणना फॉर्म (ईएफ) जमा नहीं किए हैं या जो अपने पते पर नहीं पाए गए हैं।

SIR पर बिहार में बवाल

बता दें कि विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में एसआईआर पर बवाल हो रहा है। विपक्षी विधायकों ने आज विधानसभा परिसर में जमकर हंगामा किया। इसके अलावा विपक्षी दलों के नेताओं ने इसे "लोकतंत्र के खिलाफ साजिश" करार दिया है। उनका आरोप है कि SIR प्रक्रिया दलितों, अल्पसंख्यकों, और प्रवासी मजदूरों को मताधिकार से वंचित करने का प्रयास है। 

Updated on:
22 Jul 2025, 8:56 PM IST
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