
23 अगस्त को मिजोरम में रेलवे का निर्माणाधीन पुल गिरने से 23 मजदूरों की मौत हो गई। रेस्क्यू टीम ने अब तक 18 शवों को रिकवर कर उनकी शिनाख्त कर ली है। लेकिन अभी भी 5 मजदूरों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस और रेस्क्यू टीम का कहना है कि उन 5 मजदूरों के जिंदा होने के अभी तक कोई सबूत नहीं हैं।
हादसे में 26 मजदूरों के घायल होने की खबर
23 अगस्त को मिजोरम के आइजोल में हुए ब्रिज हादसे में 26 लोग गिर गए थे। जिनमें से 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, हादसे में अब तक 18 मजदूरों के शवों की पहचान हो गई है। वहीं, 5 मजदूरों का शव अभी बरामद नहीं हुआ है। पुलिस और रेस्क्यू टीम का कहना है कि लापता हुए 5 मजदूरों के जिंदा होने की कोई खबर नहीं है।
प्रधानमंत्री ने किया था मुआवजे का एलान
मिजोरम रेलवे पुल दुर्घटना में मारे गए लोगों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जाहिर करते हुए अपनी संवेदना जाहिर की है। पीएम मोदी ने सभी मारे गए मजदूरों के परिजनों को दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता और घायल हुए कार्मिकों के लिए 50 हजार रुपए के मुआवजे का एलान किया है। करीब दोपहर 11 बजे यह पुल 104 मीटर की ऊंचाई से गिरा और फिर चारों तरफ चीख पुकार मच गई।
गौरतलब है मिजोरम की राजधानी आइजोल से करीब 21 किलोमीटर दूरी पर साइरंग इलाके में बनाया जा रहा रेलवे का एक बड़ा पुल गिर गया। इसके कारण यहां काम कर रहे 17 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई और कई घायल हो गए। जिस समय यह दुर्घटना हुई करीब 40 मजदूर काम कर रहे थे।
भारतीय रेलवे इस समय पूर्वोत्तर की सभी राजधानियों को रेलवे लाइन से जोड़ने में लगा हुआ है। इसी योजना के तहत आइजोल में रेलवे पुल का निर्माण चल रहा था। यह रेल लाइन आइजोल को गुवाहाटी से जोड़ती है। यह बैराबी और साइरंग रेलवे स्टेशन के बीच है। कुरंग नदी पर यह 104 मीटर की ऊंचाई पर बनाया जा रहा था। साइरंग आइजोल से पहले अंतिम स्टेशन है।
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