
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Photo-IANS)
Rajya Sabha Chairman Jagdeep Dhankhar: संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) में मर्यादा और बयानों को लेकर चल रहा राजनीतिक घमासान अब बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के छह राज्यसभा सांसदों ने सदन के विपक्ष के नेता (LoP) और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस (Privilege Notice) जारी किया है। खर्गे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगातार अपमानजनक, निंदात्मक और घोर असम्मानजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगा है।
इस शिकायत पर कड़ा संज्ञान लेते हुए राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने मामले को जांच और रिपोर्ट के लिए विशेषाधिकार समिति (Committee of Privileges) के पास भेज दिया है।
भाजपा सांसदों द्वारा 'रूल्स ऑफ प्रोसीजर एंड कंडक्ट ऑफ बिजनेस इन द काउंसिल ऑफ स्टेट्स' के नियम 188 के तहत यह संयुक्त नोटिस दिया गया है। नोटिस सौंपने वाले सांसदों में बृज लाल, मिथिलेश कुमार, सुमित्रा वाल्मीकि, शिवेश कुमार, सिकंदर कुमार और नागेंद्र राय शामिल हैं। भाजपा सांसदों का आरोप है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जानबूझकर और लगातार देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया है, जिससे न केवल प्रधानमंत्री पद की, बल्कि संसद और उसके सदस्यों की गरिमा को भी गहरी ठेस पहुंची है।
राज्यसभा सचिवालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्यसभा के महासचिव पीसी मोदी ने बताया कि तथ्यों पर विचार करने के बाद सभापति ने 16 जून, 2026 को नियम 203 के तहत इस मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश इस विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष हैं। इस समिति में सुधांशु त्रिवेदी, दीपक प्रकाश, सुमेर सिंह सोलंकी, सुरेंद्र सिंह नागर, मनन कुमार मिश्रा (सभी भाजपा) और निर्दलीय सांसद कार्तिकेय शर्मा जैसे वरिष्ठ सदस्य शामिल हैं, जो अब इस पूरे मामले की जांच करेंगे और अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
यह राजनीतिक विवाद तब और बढ़ गया था जब हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने अमेरिकी कार्रवाई में भारतीय नाविकों की मौत के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला था और आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री ने वैश्विक स्तर पर भारत की संप्रभुता और साख को 'कमतर' किया है। विपक्ष द्वारा लगातार किए जा रहे इन हमलों के विरोध में अब सत्तापक्ष ने खर्गे को संसदीय नियमों के दायरे में घेरने की रणनीति अपनाई है। इस विशेषाधिकार नोटिस के बाद संसद के आगामी सत्र में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और तेज होने के आसार हैं।
Updated on:
17 Jun 2026 10:03 pm
Published on:
17 Jun 2026 09:44 pm
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