
Diwali Parole: साबरमती सेंट्रल जेल की ऊंची चारदीवारी के बीच बंद 33 कैदियों को धनतेरस के दिन शुक्रवार को जेल से छोड़ा गया। यह सभी कैदी अब अपने परिवार के साथ रोशनी के पर्व दीपावली को उनके घर पर मना सकेंगे। इतना ही नहीं गुजराती नववर्ष और भाईदूज का त्योहार का भी वे अपनों के संग लुत्फ उठा सकेंगे। ऐसा इसलिए है क्योंकि गुजरात सरकार ने जेल के कैदियों को दीपावली के त्योहार पर 15 दिन की पैरोल पर छोड़ने का निर्णय किया है।
वर्ष 2023 से हर साल दीपावली पर कैदियों को छोड़ा जाता है। ऐसे में इस साल राज्यभर की जेलों में बंद 143 कैदियों को 15 दिन की पैरोल पर धनतेरस के दिन जेल से छोड़ा गया। इसकी सूचना मिलने के चलते जेल के बाहर कैदियों के परिजन पहले से ही इंतजार कर रहे थे। त्योहार पर जेल से छूटने के चलते कैदियों के चेहरे भी खिले-खिले नजर आए।
साबरमती सेंट्रल जेल के अधीक्षक गौरव अग्रवाल ने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया कि धनतेरस पर 26 पुरुष और सात महिलाओं को दीपावली के चलते 15 दिन की पेरोल मंजूर होने से मुक्त किया गया है। राज्य सरकार की ओर से तय नियमों के तहत पेरोल मंजूर की गई है। इनमें जिन पुरुषों की आयु 60 साल व उससे ज्यादा है और जो गंभीर अपराध में लिप्त नहीं हैं तथा जिन पर एक ही मामला दर्ज है, ऐसे पुरुष कैदियों को पेरोल पर मुक्त किया गया है। इसके अलावा महिला कैदियों को मुक्त किया गया है। हालांकि जो कैदी गंभीर अपराधों में लिप्त हैं या फिर जिन्होंने पहले भागने का प्रयास किया है। ऐसे कैदियों को इस पेरोल योजना का लाभ नहीं दिया जाता है।
इसके अलावा अन्य 80 कैदियों को भी साबरमती जेल से शुक्रवार को पैरोल पर मुक्त किया गया है। यह ऐसे कैदी हैं, जिनकी रेगुलर पैरोल मंजूर हुई है। दीपावली से पहले धनतेरस के दिन जो कैदी साबरमती जेल से छूटे, उन्होंने सरकार की इस पहल की सराहना की। एक कैदी साबिर अजमेरी ने कहा कि दिवाली पर उन्हें पैरोल का लाभ मिला है। ऐसे में वे अपने परिजनों के साथ घर पर त्योहार मना सकेंगे और समय भी बीता सकेंगे। उनके छूटने की सूचना पर उनकी पत्नी फिरोजा पहले से ही जेल के बाहर मौजूद थीं।