AAP MPs merger controversy: AAP के 7 सांसदों के बीजेपी में विलय को लेकर विवाद बढ़ गया है। आप नेता आतिशी ने इसे गैरकानूनी बताते हुए BJP और प्रधानमंत्री Narendra Modi पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
AAP MPs merger controversy: हाल ही में आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों ने पार्टी से अलग होकर बीजेपी में सामिल होने की घोषणा की। उसके बाद आम आदमी पार्टी ने पलटवार करते हुए इन सभीसांसदों की अध्यक्षता समाप्त करने के लिए राज्यसभा अध्यक्ष से शिकायत की। लेकिन सोमवार को राघव चड्ढ़ा समेत सातों सांसदों को बीजेपी में शामिल होने की मंजूरी मिल गई। इसी क्रम में आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा सचिवालय द्वारा जारी किया गया यह विलय नोटिफिकेशन पूरी तरह गैरकानूनी और असंवैधानिक है।
आतिशी ने अपने बयान में कहा कि सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि किसी भी राजनीतिक पार्टी के विलय के लिए मूल पार्टी का भी विलय होना जरूरी है। साथ ही, इसके लिए 2/3 विधायी दल का समर्थन भी जरूरी होता है। उन्होंने बताया कि AAP सांसद संजय सिंह ने पहले ही राज्यसभा सचिवालय को इस नियम के बारे में सूचित किया था, लेकिन इसके बावजूद नियमों को नजरअंदाज किया गया।
आतिशी ने कहा कि एंटी-डिफेक्शन कानून के अनुसार ऐसा कोई नियम नहीं है कि सिर्फ दो तिहाई सांसद या विधायक मिलकर किसी दूसरी पार्टी में शामिल होकर विलय कर लें। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को इन नियमों की परवाह नहीं है और वह साम दाम दंड भेद का प्रयोग कर संविधान और लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
आतिशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि इतिहास गवाह है- जब-जब अत्याचार बढ़ते हैं, उनका अंत भी करीब आ जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि जिस तरह से मोदी सरकार के अत्याचार बढ़ रहे हैं, उसके अनुसार पार्टी का राजनीतिक अंत होने वाला है। साथ ही कहा कि दुनिया के इतिहास में जब भी अन्याय और अत्याचार बढ़े हैं, तब उन्हें खत्म करने के लिए कोई न कोई जरूर सामने आया है। साथ ही उनसे राघव की वीडियो के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह उनके बारे में कुछ बोलना नहीं चाहती हैं।