
Abhishek Banerjee: पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद राजनीतिक तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अब दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में हुई एक घटना ने राज्य की राजनीति को फिर से गर्म कर दिया है। एक दिन पहले शनिवार को तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी पर भीड़ द्वारा हमला कर दिया गया था। अभिषेक बनर्जी चुनाव बाद हिंसा से प्रभावित परिवारों से मुलाकात करने पहुंचे थे, तभी यह घटना हुई। इस मामले के सामने आते ही राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। टीएमसी ने इसे गंभीर हमला बताया। साथ ही बीजेपी ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है। घटना के बाद अभिषेक बनर्जी अस्पताल में भर्ती हुए थे। बाद में वहां से डिस्चार्ज भी हो गए। अस्पताल से आने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी मन की बात भी लिखी।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस घटना की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि किसी सांसद पर हमला केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं माना जा सकता, बल्कि यह उन लोगों का भी अपमान है जिन्होंने उसे चुनकर संसद तक भेजा है। सोशल मीडिया साइट 'X' पर राहुल गांधी ने लिखा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों।
राहुल गांधी की प्रतिक्रिया के बाद अभिषेक बनर्जी ने उनका धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा के लिए विपक्षी दलों को एकजुट रहना होगा। अभिषेक ने अपने बयान में केंद्र सरकार और भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में असहमति की आवाजों को दबाने की कोशिश की जा रही है और जो लोग सवाल उठाते हैं, उन्हें निशाना बनाया जाता है।
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि आज की राजनीति में एक ऐसा माहौल बन गया है, जहां सत्ता का समर्थन करने वालों को देशभक्त और विरोध करने वालों को दुश्मन की तरह पेश किया जाता है। उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक हिंसा और डर का माहौल लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। अपने बयान में अभिषेक बनर्जी ने साफ कहा कि वे दबाव या धमकियों के आगे झुकने वाले नहीं हैं।