
Abhishek Sahu Bhopal Sandwich Business: बिजनेस में असफलता किसी उद्यमी की यात्रा का अंत नहीं होती। कई बार यही असफलता नई शुरुआत की वजह बनती है। भोपाल के अभिषेक साहू की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। करीब 15 साल पहले उन्होंने अपना पहला कारोबार शुरू किया था, लेकिन इंटरनेट कैफे का यह बिजनेस महज एक साल में बंद हो गया। इसके बाद साहू ने हार मानने के बजाय दोबारा शुरुआत करने का फैसला किया और आज उनका छोटा-सा स्ट्रीट फूड कारोबार बड़े बिजनेस में बदल चुका है।
भोपाल आने के बाद अभिषेक साहू ने एक इंटरनेट कैफे खोला था। हालांकि, कारोबार उम्मीद के मुताबिक नहीं चला और करीब एक साल बाद उन्हें इसे बंद करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने महज 30 हजार रुपये का कर्ज लेकर खाने-पीने के कारोबार में कदम रखा। उन्होंने सैंडविच का एक छोटा-सा ठेला शुरू किया। खास बात यह है कि सैंडविच बनाने की रेसिपी उन्होंने यूट्यूब से सीखीं।
शुरुआत भले ही छोटी थी, लेकिन धीरे-धीरे ग्राहकों की संख्या बढ़ती गई। उनके सैंडविच की लोकप्रियता इतनी बढ़ी कि आज उनका कारोबार रोजाना बड़ी संख्या में ऑर्डर पूरा करता है। रिपोर्ट के मुताबिक, ‘हरि हर सैंडविच’ सप्ताह के दिनों में 600 से ज्यादा और वीकेंड पर 1,000 से अधिक सैंडविच बेचता है।
बताया जा रहा है कि उनके कारोबार का मासिक टर्नओवर करीब 25 लाख रुपये तक पहुंच गया है। ग्राहकों के बीच उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक सैंडविच के लिए लोगों को 30 से 50 मिनट तक इंतजार करना पड़ता है।
अभिषेक साहू की यह कहानी हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी वायरल हुई है। एक्स पर प्रथम नाम के यूजर ने एक वीडियो शेयर की है, जिसमें अभिषेक की कहानी को शेयर किया है। इस वीडियो में बताया गया कि कैसे एक असफल इंटरनेट कैफे के बाद साहू ने महज 30 हजार रुपये से दोबारा शुरुआत की और आज उनका स्ट्रीट फूड बिजनेस लाखों रुपये के मासिक टर्नओवर तक पहुंच गया है।
यूजर ने अपनी पोस्ट में लिखा- ग्राहक ऑर्डर के लिए 30-50 मिनट तक इंतजार करते हैं। असफल इंटरनेट कैफे से 25 लाख रुपये प्रति महीने के स्ट्रीट-फूड बिजनेस तक।
सोशल मीडिया पर लोगों ने साहू की कहानी की तारीफ करते हुए कहा कि इस कहानी की सबसे खास बात सिर्फ 25 लाख रुपये का मासिक टर्नओवर नहीं है, बल्कि पहली असफलता के बाद महज 30 हजार रुपये के कर्ज से दोबारा शुरुआत करने का उनका साहस है।
एक यूजर ने लिखा कि असली उपलब्धि 25 लाख रुपये का टर्नओवर नहीं, बल्कि पहले बिजनेस के फेल होने के बाद 30 हजार रुपये से फिर शुरुआत करने की इच्छा है। छोटे प्रयोग, ग्राहकों की पसंद को समझना और लगातार मेहनत किसी छोटे कारोबार को बड़ा बना सकती है।
एक अन्य यूजर ने लिखा- फेल हुए कैफे से 25 लाख रुपये के मासिक टर्नओवर तक क्या शानदार वापसी है।
वहीं, एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि उन्होंने अभिषेक साहू का सफर करीब से देखा है और उनकी सफलता से बेहद खुश हैं।