
बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर (फोटो- X@MaithilAnup)
Bihar Dustbin Scam: जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार के स्वास्थ्य विभाग में कथित डस्टबिन घोटाले के लिए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) दोनों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि अगर 500-1,000 रुपये कीमत वाला डस्टबिन 15,000 रुपये में खरीदा गया, तो यह निश्चित रूप से एक गंभीर मामला है और इसमें शामिल मंत्रियों और अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए। प्रशांत किशोर ने कहा कि डस्टबिन खरीदने की प्रक्रिया दो अलग-अलग स्वास्थ्य मंत्रियों के कार्यकाल में हुई। उनके मुताबिक, खरीद का मामला उस समय शुरू हुआ जब तेजस्वी यादव स्वास्थ्य मंत्री थे, जबकि इसे मंगल पांडेय के मंत्री बनने के बाद पूरा किया गया।
प्रशांत किशोर ने कहा कि मीडिया में सामने आ रहे तथ्य और जानकारी बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि मैंने पहले भी कहा है कि अगर 500 से 1000 रुपये का डस्टबिन 15,000 रुपये में खरीदा गया है, तो निश्चित तौर पर उस विभाग से जुड़े मंत्री और संबंधित अधिकारी सीधे तौर पर दोषी हैं। उन्होंने कहा कि जब जनता के पैसों की इस तरह लूट होगी, तो जिम्मेदारी तय होनी ही चाहिए।
घोटाले की समय-सीमा बताते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बार-बार पाला बदलने की वजह से इस खरीद में दो अलग-अलग स्वास्थ्य मंत्रियों का कार्यकाल शामिल रहा। उन्होंने बताया कि डस्टबिन खरीद का मामला तब शुरू हुआ जब तेजस्वी यादव स्वास्थ्य मंत्री थे। बाद में, सरकार बदलने और मंगल पांडे के स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद प्रक्रिया पूरी हुई।
प्रशांत किशोर ने कहा कि उनके पास मौजूद दस्तावेजों और जानकारी से साफ पता चलता है कि गड़बड़ी दोनों मंत्रियों के कार्यकाल के दौरान हुई, इसलिए तेजस्वी यादव और मंगल पांडे दोनों की भूमिका की गहन जांच होनी चाहिए।
प्रशांत किशोर ने आगे बताया कि इस पूरे मामले में एक वरिष्ठ अधिकारी की भूमिका सबसे संदिग्ध है। उन्होंने कहा कि अभी उस पदाधिकारी का नाम नहीं लेना चाह रहा हूं, लेकिन वह अधिकारी दोनों ही स्वास्थ्य मंत्रियों के कार्यकाल में मुख्य व्यक्ति रहे हैं। उन्हीं की देखरेख में यह पूरा गलत काम हुआ है। पीके ने आरोप लगाया कि यही कारण है कि इस मुद्दे पर राजद के नेता पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं और कोई स्पष्टीकरण नहीं दे रहे हैं।
प्रशांत किशोर ने डस्टबिन घोटाला के मुद्दे को जाति की राजनीति से जोड़ने की कोशिशों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मंगल पांडेय पर भ्रष्टाचार के सबूत के साथ आरोप लगाने वाले शुरुआती लोगों में वह खुद रहे हैं और आज मंगल पांडेय मंत्री नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उनके लिए भ्रष्टाचार का मुद्दा किसी व्यक्ति, परिवार या जाति से ऊपर है। अगर कोई भ्रष्टाचार करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वह किसी भी जाति या समूह का हो।
Updated on:
02 Sept 2026 05:24 pm
Published on:
02 Sept 2026 05:24 pm
