
About CM Pema Khandu: सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश के CM पेमा खांडू से जुड़े कथित सार्वजनिक निर्माण कार्य (PWD) ठेका आवंटन मामले में राज्य सरकार के रवैये पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने मुख्य सचिव और प्रधान सचिव (गृह) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह कार्रवाई तब हुई जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने आरोप लगाया कि जांच के दौरान राज्य सरकार आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में सहयोग नहीं कर रही है।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने CBI की ओर से दाखिल स्टेटस रिपोर्ट का अवलोकन किया। रिपोर्ट में कहा गया कि जांच से जुड़े जरूरी दस्तावेज और रिकॉर्ड समय पर उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं, जिससे जांच प्रभावित हो रही है। इस पर अदालत ने माना कि प्रथम दृष्टया जांच एजेंसी को अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है और संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण लेना आवश्यक है।
सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश के मुख्य सचिव और प्रधान सचिव (गृह) को नोटिस जारी करते हुए 24 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। अदालत ने दोनों अधिकारियों से यह स्पष्ट करने को कहा है कि न्यायालय के पहले दिए गए निर्देशों का पालन क्यों नहीं किया गया और जांच एजेंसी को आवश्यक सहयोग क्यों नहीं दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2026 में CBI को निर्देश दिया था कि वह वर्ष 2015 से 2025 के बीच सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के ठेकों के आवंटन में कथित पक्षपात के आरोपों की जांच करे। जांच का दायरा उन कंपनियों तक भी बढ़ाया गया है, जिनका संबंध मुख्यमंत्री पेमा खांडू या उनके रिश्तेदारों से होने का आरोप लगाया गया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि आवश्यकता पड़ने पर CBI इस समय सीमा से बाहर के लेन-देन की भी जांच कर सकती है।
अपने पूर्व आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को जांच में पूर्ण सहयोग देने का निर्देश दिया था।
अदालत ने कहा था-
-CBI के साथ समन्वय के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए।
-जांच से जुड़े सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाएं।
-किसी भी दस्तावेज को नष्ट न किया जाए।
-जांच एजेंसी को सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं।
इसके बावजूद CBI ने अदालत को बताया कि रिकॉर्ड प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
पेमा खांडू अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। उनकी राजनीतिक यात्रा वर्ष 2011 में शुरू हुई, जब उनके पिता और तत्कालीन मुख्यमंत्री दोर्जी खांडू की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु के बाद वह सक्रिय राजनीति में आए। उन्होंने मुक्तो विधानसभा सीट से उपचुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया और बाद में राज्य सरकार में जल संसाधन विकास एवं पर्यटन मंत्री बने।
वर्ष 2016 में अरुणाचल प्रदेश में राजनीतिक घटनाक्रम और संवैधानिक संकट के बाद पेमा खांडू मुख्यमंत्री बने। उस समय उनकी उम्र केवल 37 वर्ष थी, जिससे वह देश के सबसे युवा मुख्यमंत्रियों में शामिल हो गए।
राजनीतिक जीवन के अलावा पेमा खांडू संगीत प्रेमी के रूप में भी जाने जाते हैं। कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में वह हिंदी फिल्मी गीत गाते हुए नजर आए हैं और अपनी सांस्कृतिक रुचियों के कारण भी चर्चा में रहते हैं।