
NDA की बैठक में शामिल नहीं हुए सांसद अबू ताहिर (Photo-IANS)
Bengal Politics: तृणमूल कांग्रेस छोड़कर एनसीपीआई में शामिल होने वाले सांसद अबू ताहिर ने मंगलवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह न तो बीजेपी में शामिल होंगे और न ही एनडीए में बने रहेंगे। सांसद ने कहा कि उनकी प्राथमिकता मुस्लिम समुदाय के हितों की रक्षा करना है।
टीएमसी के बागी सांसद ताहिर ने कहा कि हम ऐसे किसी भी विधेयक का समर्थन नहीं करेंगे, जो मुसलमानों के हितों के खिलाफ हो। हम मुर्शिदाबाद से आते हैं और हमें यहां के मुसलमानों के हितों की रक्षा करनी है।
बता दें कि सांसद ताहिर का बयान ऐसे समय में आया है, जब उन्होंने लगातार दूसरी बार एनडीए की बैठक में हिस्सा नहीं लिया। उनके साथ दो अन्य बागी मुस्लिम सांसद खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान ने भी बैठक से दूरी बनाए रखी। खान ने कहा कि NDA की बैठकों में शामिल न होकर वे एक संदेश देना चाहते हैं।
बता दें कि अबू ताहिर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान उन 20 लोकसभा सांसदों में शामिल हैं, जिन्होंने TMC छोड़कर NCPI का दामन थामा था। TMC छोड़ने के बाद इन सांसदों ने BJP के नेतृत्व वाले NDA को समर्थन देने का ऐलान किया था। हालांकि, अब तीन सांसदों के रुख से NDA के भीतर उनकी स्थिति को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
20 सांसदों के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अलग से मुलाकात की। इसके बाद इन सांसदों के BJP में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई थीं।
मंगलवार को इस समूह की पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी से दिल्ली में मुलाकात प्रस्तावित थी। बंद्योपाध्याय ने कहा कि 20 में से 19 सांसद बैठक में शामिल होंगे, जबकि एक सांसद के बाहर होने के कारण वह बैठक में मौजूद नहीं रहेगा।
अबू ताहिर खान ने भी इस बैठक में शामिल होने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात का उद्देश्य उनके संसदीय क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों और परियोजनाओं पर चर्चा करना है।
इस बीच, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट ने बागी सांसदों को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि बागी 20 सांसदों में से करीब 6 सांसद अभी भी पार्टी के संपर्क में हैं।
TMC नेता कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि BJP इन सांसदों को संरक्षण दे रही है। उन्होंने कहा कि अगर BJP का समर्थन नहीं होता तो TMC के टिकट पर चुनाव जीतने वाले इन सांसदों की लोकसभा सदस्यता पर संकट आ सकता था।
घोष ने यह भी दावा किया कि TMC के करीब 60 विधायकों ने बागी ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट का साथ दिया था, लेकिन इनमें से लगभग 30 विधायक ममता बनर्जी और उनके समर्थक नेताओं के संपर्क में हैं।
हालांकि, ऋतब्रत बनर्जी ने इस दावे को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि TMC नेतृत्व को उन सांसदों पर ध्यान देना चाहिए, जो आने वाले समय में पार्टी छोड़ने की तैयारी में हैं।
Updated on:
05 Aug 2026 10:07 am
Published on:
04 Aug 2026 04:52 pm
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