
Ahmedabad Plane Crash:पिछले साल जून के महीने में अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया AI-171 विमान हादसे ने पूरे देश को झंकझोर दिया था। लंदन जा रही बोइंग 787 ड्रीमलाइनर फ्लाइट टेकऑफ के कुछ सेकंड बाद बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल भवन से टकरा गई थी। इस हादसे में 260 लोगों की मौत हुई, जबकि केवल एक यात्री जीवित बच पाया। इस हादसे भारत के सबसे भयावह एविएशन हादसों में गिना जाता है। हाल ही में इस हादसे से जुड़ा एक बड़ा खुलासा सामने आया है, जिसने सभी को चौंका दिया है। हादसे के बाद मुर्दाघर जाने वाले एक शख्स ने दावा किया है कि विमान के पायलट ने मरने के बाद भी स्टीररिंग व्हील को कसकर पकड़ रखा था।
अहमदाबाद निवासी रोमन वोहरा ने दावा किया कि वह अपने रिश्तेदारों के शव पहचानने के लिए सिविल अस्पताल के मुर्दाघर पहुंचे थे। कोविड काल में अस्पताल में पैथोलाजी लैब असिस्टेंट रह चुके वोहरा ने कहा कि अंदर का दृश्य किसी डरावनी कहानी से कम नहीं था। उनके अनुसार कई शव फर्श पर एक साथ रखे थे, जबकि कई शव बुरी तरह जल चुके थे। उन्होंने कटे हुए हाथ, पैर और सिर भी देखे। वोहरा ने बताया कि एक मां का शव अपने बच्चे को पकड़े हुए मिला, जिसे देखकर वहां मौजूद लोग भावुक हो गए। इन शवों में वोहरा को एक बच्ची का पूरी तरह जला हुआ शव मिला जिससे उन्होंने अपनी तीन साल की भतीजी की पहचान करने की भी कोशिश की।
रोमन वोहरा ने विमान के कैप्टन सुमीत सभरवाल को लेकर भी एक बड़ा दावा किया है। जहां एक तरफ अभी तक मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा था कि कैप्टन सभरवाल ने जानबूझकर विमान का फ्यूल स्विच बंद किया था जिसके चलते यह हादसा हुआ। वहीं अब चश्मदीद वोहरा ने इसके विपरीत एक बड़ा खुलासा किया है जो यह साबित करता है कि कैप्टन अपनी आखिरी सांस तक विमान को बचाने की कोशिश कर रहे थे। वोहरा के अनुसार मुर्दाघर में कैप्टन सभरवाल का शव बाकी लोगों से अलग रखा गया था। उन्होंने आगे बताया कि कैप्टन का शव बैठी हुई स्थिति में था और उनकी वर्दी काफी हद तक सुरक्षित दिखाई दे रही थी।
वोहरा ने आगे बताया कि कैप्टन का शव बैठी हुई स्थिति में था और उनकी वर्दी काफी हद तक सुरक्षित दिखाई दे रही थी। उन्होंने कहा कि कैप्टन की सफेद शर्ट, कंधों पर चार गोल्ड स्ट्राइप, टाई और जूते तक सही हालत में थे। सबसे चौंकाने वाला दावा वोहरा ने यह किया कि कैप्टन के हाथ मरने के बाद भी विमान के डबल हैंडल योक यानी स्टीयरिंग कंट्रोल को मजबूती से पकड़े हुए थे। ऐसा माना गया कि जब हादसे के बाद रेस्क्यू दल ने शवों को विमान से निकाला होगा तो यह हैंडल भी टूटकर कैप्टर के साथ आ गया होगा। डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार मुर्दाघर में मौजूद एक डॉक्टर ने भी वोहरा के इस दावे का समर्थन किया है।
अब इस नए खुलासे ने एक नई बहस को शुरू कर दिया है क्योंकि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट में यह कहा गया था कि टेकऑफ के तुरंत बाद दोनों इंजनों की फ्यूल सप्लाई बंद हो गई थी। कॉकपिट रिकॉर्डिंग में एक पायलट दूसरे से पूछता सुनाई दिया था कि तुमने कट ऑफ क्यों किया जिसके जवाब में दूसरे पायलट ने कहा कि मैंने नहीं किया। इसके बाद पायलट एरर की आशंका पर बहस शुरू हो गई। हालांकि पायलट संगठनों और कप्तान सभरवाल के परिवार ने रिपोर्ट को गलत बताया है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने भी लोगों से अंतिम रिपोर्ट आने तक निष्कर्ष पर नहीं पहुंचने की अपील की है।