
Air India Flight Incident: फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एयरबस A320 फ्लाइट में अचानक करीब 300 फीट की ऊंचाई गिरने के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, कमांडिंग पायलट का कन्फर्मेटरी ड्रग टेस्ट मारिजुआना (गांजा) के लिए पॉजिटिव आया है। यह घटना 4 अगस्त को हुई थी जब फ्लाइट ओडिशा के ऊपर लगभग 36,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रही थी। विमान अचानक लगभग 300 फीट नीचे आ गया, जिससे 13 यात्रियों और 4 क्रू सदस्यों सहित कुल 17 लोगों को चोटें आईं थी, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
घटना के बाद कमांडिंग पायलट की शुरुआती ड्रग स्क्रीनिंग की गई थी, जिसका नतीजा नॉन-नेगेटिव आया था। इसके बाद, सैंपल को कन्फर्मेटरी टेस्ट (पुष्टि करने वाले टेस्ट) के लिए भेजा गया। सूत्रों का कहना है कि कन्फर्मेटरी टेस्ट में मारिजुआना होने की पुष्टि हुई। हालांकि, कन्फर्मेटरी टेस्ट इसलिए किए जाते हैं क्योंकि शुरुआती स्क्रीनिंग में कभी-कभी कुछ खाने-पीने की चीजों या दवाओं की वजह से गलत पॉजिटिव नतीजे आ सकते हैं। पायलट के टेस्ट नतीजों के बारे में अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।
शुरुआत में माना जा रहा था कि घटना की वजह जबरदस्त टर्बुलेंस थी। हालांकि, अब जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है और इसमें विमान के हाइड्रोलिक और कंट्रोल सिस्टम में संभावित खराबी को भी शामिल किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, कई हाइड्रोलिक सिस्टम और कॉकपिट वॉर्निंग से जुड़ी दिक्कतें सामने आईं, जिसके कारण पायलटों को विमान का कंट्रोल मैन्युअल रूप से लेना पड़ा। इसी प्रक्रिया के दौरान विमान की ऊंचाई अचानक कम हो गई। फिर भी, मौसम की स्थितियों की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता है। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) इन सभी पहलुओं की विस्तृत जांच कर रहा है।
फुकेत-दिल्ली फ्लाइट का संचालन एयरबस A320 विमान (रजिस्ट्रेशन VT-EXO) से किया गया था। फ्लाइट सुबह 8:41 बजे (स्थानीय समय) फुकेत से रवाना हुई और सुबह 11:07 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरी। इसमें कुल 137 यात्री और 8 क्रू मेंबर सवार थे। घटना के बाद 17 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। एयरक्राफ्ट के दिल्ली पहुंचने के बाद, उसे हैंगर में ले जाया गया और जांच के लिए उसके फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (CVR) को सुरक्षित कर लिया गया।
इधर, मंगलवार को एयर इंडिया के CEO कैंपबेल विल्सन की अगुवाई में एयरलाइन अधिकारियों ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाक़ात की। बैठक में एयर इंडिया का प्रतिनिधित्व पूर्व उड्डयन सचिव प्रदीप सिंह खरोला और फ्लाइट सेफ्टी चीफ दीपक जोशी ने किया। सरकारी पक्ष से मौजूद अधिकारियों में नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा, DGCA के महानिदेशक वीर विक्रम यादव और AAIB के महानिदेशक GVG युगंधर शामिल थे। बैठक के बाद, कैंपबेल विल्सन ने कहा कि वह जांच की स्थिति के बारे में जानकारी देने आए थे। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि यह कोई पूछताछ सत्र था।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि मंत्रालय ने घटना के बारे में एयर इंडिया से सीधी जानकारी लेने के लिए अधिकारियों को बुलाया था। उन्होंने कहा कि उड्डयन सुरक्षा मंत्रालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा मानकों से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब इस मामले की कई स्तरों पर जाँच की जा रही है, जिसमें एयरक्राफ्ट की तकनीकी स्थिति, मौसम की स्थिति, कॉकपिट अलर्ट, पायलट की कार्रवाई और ड्रग टेस्ट जैसे सभी पहलू शामिल हैं। घटना के वास्तविक कारण और पायलट की भूमिका के बारे में अंतिम निष्कर्ष AAIB द्वारा विस्तृत जांच पूरी करने के बाद ही सामने आएगा।