
Ahmedabad Air India Plane Crash: जून 2025 में अहमदाबाद में हुए देश के सबसे भयानक हवाई हादसों में से एक, एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 के क्रैश में जान गंवाने वाले यात्रियों के परिवारों ने ब्लैक बॉक्स की रिकॉर्डिंग को सार्वजनिक करने और क्रैश वाली जगह पर एक पक्का स्मारक बनाने की मांग की है। परिवारों का कहना है कि वे हादसे के बारे में पूरी सच्चाई जानना चाहते हैं और मृतकों की याद में एक ऐसी जगह चाहते हैं जहाँ वे भविष्य में उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें।
पीड़ितों में से एक के रिश्तेदार, रोमिन वोहरा ने जांच एजेंसी (AAIB) के इरादों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सुप्रीम कोर्ट में एजेंसी द्वारा दाखिल हलफनामे पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने कहा कि सिर्फ तीन-चार दिन पहले ही AAIB ने देश की सर्वोच्च अदालत को बताया था कि वह ब्लैक बॉक्स का डेटा जारी नहीं करेगी, बल्कि सिर्फ़ अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी। इस मामले पर कानूनी रणनीति बनाने के लिए सभी परिवार आज यहां इकट्ठा हुए हैं।
रोमिन वोहरा ने पूछा कि ब्लैक बॉक्स डेटा जारी न करने का असली कारण क्या है? क्या वे परिवारों या आम जनता से कुछ जरूरी बात छिपाने की कोशिश कर रहे हैं? क्या एयरक्राफ्ट में कोई टेक्निकल खराबी थी, जिसके सामने आने पर टाटा, एयर इंडिया या बोइंग को नुकसान हो सकता था? अगर रॉ डेटा नहीं बताया गया, तो क्या गारंटी है कि फ़ाइनल रिपोर्ट में सच होगा?
परिवार वालों ने कहा कि जब भी दुनिया भर में जब भी प्लेन क्रैश हुए हैं, तो असली ब्लैक बॉक्स डेटा को इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट के साथ पब्लिक किया गया है। तो इस मामले में सीक्रेसी क्यों रखी जा रही है?
रोमिन वोहरा ने याद दिलाया कि हादसे के कुछ ही समय बाद, ब्लैक बॉक्स का एक बहुत सेंसिटिव हिस्सा कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) की ऑडियो क्लिप और डिटेल्स सामने आई थीं, जिससे पता चला कि दोनों कैप्टन इस बात पर बहस कर रहे थे कि फ्यूल कट-ऑफ स्विच किसने चालू किया था।
रोमिन वोहरा ने सवाल किया कि अगर वह खास ऑडियो या जानकारी उस समय बिना किसी इंटरनेशनल नियम या कानूनी रुकावट के जारी की जा सकती थी, तो अब परिवारों के साथ पूरा और ऑफिशियल डेटा शेयर करने में क्या रुकावट है? परिवारों ने आरोप लगाया कि जांच एजेंसी अपनी पसंदीदा थ्योरी (जैसे पायलट की गलती) को साबित करने के लिए सिर्फ चुनिंदा जानकारी जारी कर रही है, जबकि रॉ डेटा को रोक रही है।
रोमिन वोहरा ने बताया कि पीड़ितों के परिवारों ने मिलकर केंद्र सरकार, टाटा ग्रुप और एयर इंडिया मैनेजमेंट से अपील की है कि वे उस जगह पर एक स्मारक बनाएं जहां विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। इससे पीड़ितों के परिवार वाले उस जगह पर जा सकेंगे और जब भी वे भावुक महसूस करेंगे, तो अपने बिछड़े हुए अपनों को श्रद्धांजलि दे सकेंगे। इसके लिए टाटा, एयर इंडिया और सरकार को तुरंत ज़रूरी बजट और फंड जारी करना चाहिए।
गौरतलब है कि 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट जा रही एयर इंडिया की बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर (फ्लाइट AI171) उड़ान भरने के सिर्फ़ 32 सेकंड बाद ही बेकाबू हो गई और B.J. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर जा गिरी। इस भयानक हादसे में कुल 260 लोगों की जान चली गई, जिनमें 230 यात्री और 12 क्रू मेंबर शामिल थे। साथ ही जमीन पर मौजूद 19 लोग भी मारे गए, जबकि चमत्कारिक रूप से सिर्फ़ एक यात्री बच पाया।
AAIB की शुरुआती जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि उड़ान भरने के तुरंत बाद ही विमान के दोनों इंजन बंद हो गए थे, क्योंकि फ्यूल कट-ऑफ स्विच'अचानक 'RUN' पोज़िशन से 'CUTOFF' पोज़िशन में चले गए थे। हालांकि, यह सवाल अभी भी एक अनसुलझा रहस्य बना हुआ है कि क्या ऐसा पायलट की गलती की वजह से हुआ था या बोइंग विमान में किसी मैकेनिकल/सॉफ्टवेयर खराबी के कारण। फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग वाली एक याचिका पर सुनवाई चल रही है, जिसमें सरकार ने भरोसा दिलाया है कि अंतिम ड्राफ्ट रिपोर्ट अक्टूबर 2026 तक तैयार हो जाएगी।