Rohit Pawar on Ajit Pawar Death: महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद भतीजे रोहित पवार ने अपनी गहरी संवेदनाओं को जाहिर करते हुए सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने इस पोस्ट के जरिए अपने 'दादा' से शिकायत भी की है।
Rohit Pawar Emotional Post: अजित पवार का निधन उनके परिवार के साथ-साथ महाराष्ट्र की राजनीति के लिए एक बड़ा नुकसान माना जा रहा है। इसी बीच अजित पवार के भतीजे विधायक रोहित पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बेहद भावुक पोस्ट शेयर किया है।
उन्होंने पोस्ट में अपने चाचा अजित पवार को याद करते हुए उनके व्यक्तित्व पर अपनी बात रखी। उन्होंने अजित पवार के काम करने के अंदाज और उनकी सख्त छवि पर अपनी राय रखी। साथ ही, चाचा के अचानक चले जाने से पहुंची गहरी पीड़ा को जाहिर करते हुए शिकायत भी की।
बता दें, बारामती में हुए एक विमान हादसे में बुधवार को महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार की मौत हो गई थी। इस खबर ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है।
भतीजे रोहित पवार ने कहा कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि अजित दादा का अंतिम संस्कार उसी जगह होगा, जहां उन्होंने विकास के प्रतीक के रूप में फूलों का बगीचा लगाया था।
उन्होंने कहा कि दादा की मौत से उनका सिर सुन्न हो गया है। ऐसा लग रहा है कि दिमाग जम गया हो। उन्होंने कहा कि दादा के निधन से मन में कई सवाल चल रहे हैं। मन बेचैन सा है।
यह मानने को तैयार नहीं है कि दादा हमारे बीच नहीं रहे। उन्होंने अजित पवार से हुई पुरानी भावुक बातचीत पर कहा कि दादा के शब्द अभी भी कानों में गूंज रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि दादा उनसे बात कर रहे हैं।
रोहित पवार ने अजित पवार को याद करते हुए उनके कामों की सराहना की। उन्होंने लिखा कि अजित पवार की प्रशासन और राजनीति पर मजबूत पकड़ थी। साथ ही, उनमें तेज और समय पर फैसले लेने की क्षमता थी। वह समय के पाबंद थे और अपनी बात को बेबाक होकर रखते थे।
उनका यह अंदाज सभी को प्रभावित करता था। रोहित ने कहा कि जो लोग अजित पवार को दूर से देखते थे, उन्हें वे सख्त लगते होंगे, लेकिन जो उनसे मिलता था, वह जरूर अपनापन महसूस करता होगा।
रोहित ने कहा कि महाराष्ट्र पिछले दो दिनों से शोक में है और हर आंख नम है। पोस्ट का सबसे भावुक हिस्सा था जब रोहित पवार ने कहा कि अजित दादा से एक शिकायत है।
शिकायत करते हुए भतीजे ने कहा कि दादा, क्या आपको इस बात की चिंता नहीं हुई कि आपके जाने के बाद हमारे ऊपर कितना बड़ा दुखो का पहाड़ा टूट पड़ेगा? हम आपके बिना कितने अकेले हो जाएंगे।
साथ ही, उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि दादा, जब किस्मत आपको लेने बेवक्त आ गई, तो आपने उसे डांट कर क्यों नहीं भगा दिया? रोहित ने आगे कहा कि दादा, आपकी अस्थियों को इकट्ठा करते समय ऐसा लग रहा था कि आप अभी खड़े होंगे और हमसे कहेंगे कि मैं तो तुम्हारी परीक्षा ले रहा था। अब सब रोना छोड़ो और काम पर लग जाओ।