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अजित पवार के निधन के बाद भतीजे रोहित पवार ने किया खुलासा, कहा- दादा का सपना था कि ….

Ajit Pawar के निधन के बाद रोहित पवार का बड़ा खुलासा; बताया कि परिवार की एकजुटता और कार्यकर्ताओं की जीत ही दादा का अंतिम सपना था। बारामती चुनाव और सुनेत्रा पवार को लेकर दिए इस बयान से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज।
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Feb 07, 2026
Rohit Pawar
NCP-SCP नेता रोहित पवार। (Photo/ANI)

महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार को याद करते हुए उनके भतीजे और विधायक रोहित पवार ने बारामती के पिंपली गांव में जिला परिषद चुनाव के लिए मतदान करने के बाद एक बड़ा खुलासा किया है। रोहित पवार ने कहा कि अजित दादा की हमेशा से यही इच्छा थी कि पूरा परिवार एक साथ आए। उन्होंने बताया कि इस दिशा में दादा स्वयं लगातार प्रयास कर रहे थे। चाहे सुप्रिया ताई हों या पवार साहब, हम सभी की कोशिशें भी यही रही हैं। पवार परिवार के तौर पर हम आज भी एकजुट हैं और दादा का यह सपना कि परिवार हमेशा साथ रहे, निश्चित रूप से साकार होगा। आज परिस्थितियां ऐसी बनी हैं कि सभी अपने-आप एक साथ आ रहे हैं और परिवार एक बार फिर संगठित हो रहा है।"

अजित पवार का अंतिम सपना

रोहित पवार ने भावुक होते हुए कहा कि उनके चाचा की अंतिम इच्छा थी कि जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में उनके समर्थक और कार्यकर्ता अधिक से अधिक संख्या में जीतकर आएं। उन्होंने कहा:

"आज हमें यह स्वीकार करना होगा कि यही उनका अंतिम सपना था। आज मैंने अपने परिवार के साथ मताधिकार का प्रयोग किया है। मुझे पूरा भरोसा है कि मतदाता और कार्यकर्ता दादा के इस सपने को पूरा करेंगे और उनके समर्थकों को भारी बहुमत से निर्वाचित कराएंगे।"

सुनेत्रा पवार को मिले कमान

शरद पवार और पार्थ पवार के वायरल वीडियो पर टिप्पणी करते हुए एनसीपी (एसपी) नेता ने कहा कि उनके बीच एक भावनात्मक संवाद हुआ है। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में कुछ ऐसे कार्य किए जाएंगे जो राजनीतिक न होकर पारिवारिक और सामाजिक होंगे।

पार्टी के भविष्य और नेतृत्व पर बात करते हुए रोहित ने एक बार फिर दोहराया: "मुझे सुनेत्रा ताई में अजित दादा की छवि दिखाई देती है। मेरी दिल से यह इच्छा है कि पार्टी में राष्ट्रीय अध्यक्ष का जो पद रिक्त है, वह सुनेत्रा ताई को सौंपा जाना चाहिए।"

खुद अकेले चुनाव प्रचार करते थे दादा

विधायक रोहित पवार ने अजित पवार की कार्यशैली को याद करते हुए कहा कि दादा चुनाव प्रचार की पूरी कमान अकेले अपने दम पर संभालने में विश्वास रखते थे। उन्होंने बताया कि अजित पवार न केवल कार्यकर्ताओं के लिए विभिन्न क्षेत्रों में जाकर कड़ी मेहनत करते थे, बल्कि उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर भी हमेशा गंभीर रहते थे। रोहित पवार के अनुसार, दादा का व्यक्तित्व ऐसा था कि वे प्रत्येक कार्यकर्ता को व्यक्तिगत रूप से आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहते थे। इस बयान ने महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज कर दी हैं।

Updated on:
07 Feb 2026 02:17 pm
Published on:
07 Feb 2026 02:16 pm