
VHP Alok Kumar on Owaisi: देश में जनसांख्यिकीय बदलावों की जांच और अध्ययन के लिए केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई हाई-लेवल कमेटी को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) अध्यक्ष ने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर हमला बोला है। ओवैसी के इस दावे पर कि कमेटी का मकसद मुसलमानों के अधिकारों को कम करना या छीनना है, VHP के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि ओवैसी जैसे नेता कभी नहीं चाहते कि मुस्लिम समुदाय देश की मुख्यधारा से जुड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि ओवैसी सिर्फ चुनाव जीतने और वोट बैंक के लिए मुसलमानों में डर और तनाव पैदा करके बेईमानी वाली राजनीति कर रहे हैं।
ओवैसी के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए VHP अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि ओवैसी जैसे लोग हमेशा यह कोशिश करते रहे हैं कि मुसलमान राष्ट्रीय मुख्यधारा से न जुड़ें। वे चाहते हैं कि मुस्लिम समुदाय को हमेशा यह महसूस हो कि उनका धर्म खतरे में है। वे चाहते हैं कि वे हमेशा तनाव और बेचैनी की स्थिति में रहें ताकि चुनाव जीतने के लिए मुस्लिम वोट-बैंक को एकजुट किया जा सके।
कमेटी के उद्देश्यों और दायरे पर आलोक कुमार ने कहा कि आयोग किसी खास धर्म के खिलाफ काम नहीं कर रहा है। उन्होंने बताया कि आयोग इस बात की जांच कर रहा है कि देश की आबादी में अस्वाभाविक बदलाव कहां और क्यों हुए हैं, सामाजिक ताने-बाने पर इनका क्या असर पड़ा है और क्या इनके पीछे कोई खास योजना या मंशा है। इस तरह के जनसांख्यिकीय बदलाव अक्सर सामाजिक तनाव को जन्म देते हैं, इसलिए यह समझना जरूरी है कि इस असंतुलन को रोकने के लिए समय रहते क्या प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं।
VHP अध्यक्ष ने आगे कहा कि जनसांख्यिकीय असंतुलन उन तनावों का मुख्य कारण है जो समय-समय पर देश में धार्मिक आधार पर पैदा होते हैं। इसलिए, इस पूरी प्रक्रिया को समझना व्यापक राष्ट्रीय हित में है। उन्होंने कहा कि इसे किसी एक धर्म के खिलाफ नहीं माना जा सकता, यह सभी से जुड़ा है और पूरे देश के हित में है। इसलिए, ओवैसी को इस राष्ट्रीय मुद्दे को अपने संकीर्ण राजनीतिक नज़रिए से नहीं देखना चाहिए।
केंद्र सरकार ने जनसांख्यिकीय बदलावों से निपटने के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है। इस कमिटी का मकसद गैर-कानूनी इमिग्रेशन और दूसरी वजहों से होने वाले डेमोग्राफिक बदलावों की साइंटिफिक स्टडी करना और उन्हें ठीक करने के लिए पॉलिसी, एडमिनिस्ट्रेटिव और कानूनी उपायों का सुझाव देना है।
इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नाओलेकर कर रहे हैं। इसके सदस्यों में जनगणना आयुक्त, सेवानिवृत्त IAS अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्रा, सेवानिवृत्त IPS अधिकारी बालाजी श्रीवास्तव और अर्थशास्त्री डॉ. शमिका रवि शामिल हैं। इसके आधिकारिक कार्यक्षेत्र में धार्मिक और सामाजिक समुदायों के बीच असामान्य जनसंख्या बदलावों के पैटर्न का अध्ययन करना शामिल है। समिति को अवैध आव्रजन, सीमा प्रबंधन और केंद्र-राज्य समन्वय से संबंधित उपाय सुझाने का काम भी सौंपा गया है।