
Supriya Shrinate Slams Amit Malviya BJP Social Media Team: बीजेपी के संगठन में हुए बड़े बदलाव के बाद कांग्रेस ने पार्टी पर निशाना साधा है। कांग्रेस की सोशल मीडिया चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत ने बीजेपी के राष्ट्रीय आईटी सेल प्रमुख पद से अमित मालवीय को हटाए जाने पर तंज कसा है। उन्होंने मालवीय को निशाने पर लेते हुए कहा कि 'फेक न्यूज फैक्ट्री के एक सरगना की आज विदाई हो गई है।'
सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में अमित मालवीय की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मालवीय ने फर्जी खबरों के जरिए गलत नैरेटिव फैलाने का काम किया।
सुप्रिया श्रीनेत ने लिखा कि अमित मालवीय बीजेपी के बेहद नाकारा सोशल मीडिया प्रमुख थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मालवीय ने फर्जी खबरें चलाकर माहौल खराब किया। कांग्रेस नेत्री ने दावा किया कि उनकी पार्टी ने सोशल मीडिया पर बीजेपी के कथित फर्जी नैरेटिव का लगातार जवाब दिया और लोगों के सामने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि इसका असर कांग्रेस की सोशल मीडिया पहुंच और एंगेजमेंट पर भी देखने को मिला। सुप्रिया श्रीनेत ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अब कई मामलों में बीजेपी से आगे हैं।
बीजेपी की नई सोशल मीडिया टीम को लेकर भी सुप्रिया श्रीनेत ने हमला बोला। उन्होंने कहा कि पार्टी ने नई टीम में ऐसे लोगों को जगह दी है जो गाली-गलौज और नफरत की भाषा का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने लिखा कि नई टीम के कुछ लोग अपने पुराने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर अपने अकाउंट लॉक करके सफाई में लगे हैं। हालांकि, उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम लेकर इस आरोप का विस्तृत आधार नहीं बताया।
कांग्रेस नेता ने बीजेपी की नई सोशल मीडिया टीम को शुभकामनाएं देते हुए तंज कसा कि उसकी लड़ाई मुश्किल होने वाली है और उसे हार के लिए तैयार रहना चाहिए।
दरअसल, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई टीम का ऐलान किया है। संगठनात्मक बदलाव के तहत पिछले करीब एक दशक से पार्टी के राष्ट्रीय आईटी सेल की जिम्मेदारी संभाल रहे अमित मालवीय को इस पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह छत्तीसगढ़ के दीपक म्हास्के को राष्ट्रीय आईटी सेल का प्रमुख बनाया गया है। अमित मालवीय पश्चिम बंगाल में बीजेपी के सह-प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
बीजेपी ने सोशल मीडिया टीम में भी बदलाव किया है। प्रीति गांधी, शिवानंद द्विवेदी, आलोक भट्ट और अरुण यादव को अलग-अलग राज्यों से सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी दी गई है। बीजेपी के इस संगठनात्मक बदलाव के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच सोशल मीडिया रणनीति को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।