
Amit Shah Ministry of Cooperation: सहकारिता मंत्रालय के पांच साल पूरे होने पर केंद्रीय गृह अमित शाह ने सहकारिता क्षेत्र के लिए कई नई योजनाओं की शुरुआत की।
उन्होंने सहकारी जीवन बीमा कंपनी बनाने की घोषणा की, भारत टैक्सी योजना को 500 शहरों तक विस्तार देने की जानकारी दी और डिजिटल सहकारिता को बढ़ावा देने के लिए कई परियोजनाओं का शुभारंभ किया।
साथ ही भंडारण, बीज, डेयरी और सहकारी संस्थाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में भी अहम कदम उठाए गए, जिससे करोड़ों सदस्यों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने घोषणा की कि सहकारिता क्षेत्र की अपनी जीवन बीमा कंपनी स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह भारत टैक्सी पहल को आगे बढ़ाया जा रहा है, उसी तरह अब सहकारी संस्थाओं के लिए जीवन बीमा क्षेत्र में भी नई व्यवस्था विकसित की जाएगी।
इससे सहकारी संस्थाओं के करोड़ों सदस्यों को वित्तीय सुरक्षा का नया विकल्प मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि 'भारत टैक्सी' योजना का अगले दो सालों में 500 शहरों तक विस्तार करने की तैयारी की जा रही है।
सरकार ने सहकारी संस्थाओं में डिजिटल बदलाव की दिशा में भी कई कदम उठाए हैं। कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कहा कि 50 हजार प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS) को e-PACS में बदलने की पहल की गई। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार करना और सहकारी संस्थाओं के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाना है।
सहकारिता मंत्रालय ने कार्यक्रम में कृषि और भंडारण से जुड़ी कई परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इनमें 75 हजार टन क्षमता वाले 135 गोदामों का हस्तांतरण, 85 नए गोदामों का उद्घाटन और 47 नए अनाज भंडारण गोदामों का शिलान्यास शामिल है। इसके अलावा अमूल और एनसीसीएफ की ओर से सहकार वन परियोजना शुरू की गई।
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी और महाराष्ट्र के जलगांव में टिश्यू कल्चर सुविधाओं की आधारशिला भी रखी गई। वहीं भारतीय बीज सहकारी समिति (BBSSL) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के बीच बीज प्रणाली को मजबूत करने के लिए समझौता भी किया गया।
अमित शाह ने बताया कि गुजरात के आनंद में त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य सहकारी संस्थाओं के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना और पेशेवर प्रबंधन को बढ़ावा देना है। अमित शाह ने कहा 'सहकारिता से जुड़े देश के 30 करोड़ लोग और 8.50 लाख से अधिक सहकारी संस्थाएं पिछले 75 सालों से जिस दिन का इंतजार कर रही थीं, वह सपना आज से ठीक पांच साल पहले पूरा हुआ था।'
सहकारिता मंत्रालय ने अपनी स्थापना के पांच साल पूरे होने के अवसर पर 29 जून से 6 जुलाई तक देशभर में सहकार से समृद्धि थीम पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए। इनमें सहकारी चौपाल, जागरूकता अभियान, डिजिटल सेवाओं का प्रदर्शन, किसान संपर्क कार्यक्रम, स्वास्थ्य शिविर, वृक्षारोपण, वित्तीय साक्षरता अभियान और सहकारी संस्थाओं के सम्मान समारोह जैसे आयोजन शामिल रहे।
कार्यक्रम के अंत में अमित शाह ने विश्वास जताया कि सहकारिता क्षेत्र विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य सहकारी आंदोलन को आधुनिक तकनीक, पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन के जरिए और अधिक मजबूत बनाना है।