
Mumbai–Pune Expressway: Photo:IANS
Pune Mumbai Expressway पुणे। एशिया की सबसे चौड़ी सुरंगों और करीब 30 मिनट का सफर बचाने के दावे के साथ शुरू किए गए 6695 करोड़ रुपए के पुणे-मुंबई एक्सप्रेस-वे के मिसिंग लिंक पर भारी बारिश ने सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार बारिश के बीच भूस्खलन और मलबा आने से मार्ग को फिलहाल बंद करना पड़ा। इससे यातायात प्रभावित हुआ और वाहनों को दूसरे रास्तों से भेजा गया। इस परियोजना को आधुनिक इंजीनियरिंग की बड़ी उपलब्धि बताया गया था, वह मानसून की पहली बड़ी चुनौती में ही चर्चा का विषय बन गई।
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बता दें कि पुणे से मुंबई जाने वाली लेन पर कनेक्टिंग लिंक रोड के टनल-2 के एग्जिट गेट के पास सोमवार सुबह बड़ा भूस्खलन हुआ। इसके बाद ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया गया। मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे के बहुप्रतीक्षित 'मिसिंग लिंक' 1 मई 2026 को जनता के लिए खोला गया था। इसकी लागत करीब 6695 करोड़ रुपए थी। इस परियोजना को आधुनिक इंजीनियरिंग की बड़ी उपलब्धि के तौर बताया गया था, लेकिन मानसून की भारी बारिश के दौरान हुए भूस्खलन ने इसकी मजबूती और निर्माण गुणवत्ता को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी ने निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने ऐसा शानदार विकास किया कि पहली ही बारिश में उसका सारा विकास सड़क पर बिखर गया।
आपको बता दें कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर यह 13.3 किमी लंबा एक नया खंड है जो मुंबई की ओर खोपोली को लोनावला के पास कुसगांव से जोड़ता है। 1 मई को महाराष्ट्र दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इसका उद्घाटन किया था। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य मुंबई-पुणे के बीच सफर को तेज और आसान बनाना था। इसके बनने से दोनों शहरों के बीच की दूरी करीब 6 किलोमीटर कम हो गई। वहीं यात्रा में भी 30 मिनट का समय भी बचा। आधुनिक सुरंगें और विशाल केबल-स्टे ब्रिज इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत है। इसी वजह से इस परियोजना को इंजीनियरिंग का बेहतरीन नमूना बताया गया था।
वहीं दूसरी तरफ इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात इसके दो विशाल टनल हैं। इनमें से एक टनल 8.9 किलोमीटर लंबी है, जो इसे एशिया की सबसे लंबी सड़क सुरंगों में से एक है, जबकि दूसरी टनल 1.9 किलोमीटर लंबी है। दोनों टनल की चौड़ाई 23.75 मीटर है, जो इसे दुनिया की सबसे चौड़ी सड़क सुरंग में से एक बनाती है। इस प्रोजेक्ट में खंडाला-लोनावला की टाइगर वैली के ऊपर लगभग 650 मीटर लंबा केबल स्टे ब्रिज बनाया गया है, जिसके खंभों की ऊंचाई 182 से 184 मीटर है।
दावा किया गया था कि इतनी ऊंचाई पर होने के बावजूद ये ब्रिज 252 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवा के झोंके को भी झेलने में सक्षम है। ऐसे में मुंबई-पुणे के बीच सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट एक बड़ी सौगात है, लेकिन परियोजना के पास हुए लैंडस्लाइड ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में संबंधित एजेंसियां लैंडस्लाइड के कारणों का पता लगाने में जुटी हैं। फिलहाल जांच की जा रही है कि यह लैंडस्लाइड प्राकृतिक कारणों से हुई या फिर निर्माण से जुड़ी किसी कमी के चलते ऐसा हुआ।
Updated on:
06 Jul 2026 04:09 pm
Published on:
06 Jul 2026 04:08 pm
