24 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में शामिल नहीं हुए चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा

Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर दान विवाद के बीच अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक होने जा रही है। चंपत राय, परमानंद गिरी और अन्य ट्रस्टी पहुंच चुके हैं।
2 min read
Google source verification

भारत

image

Rahul Yadav

Jul 06, 2026

ram mandir donation

राम मंदिर (फाइल फोटो- पत्रिका)

Ram Mandir Donation Row:राम मंदिर डोनेशन स्कैम मामले में राम मंदिर ट्रस्ट की एक जरुरी बैठक राम मंदिर परिसर में आयोजित की गई। यह बैठक उस समय हुई जब मंदिर निर्माण से जुड़े दान-पेटियों में चंदे की कथित गड़बड़ी को लेकर जांच चल रही है। इस कारण बैठक को ट्रस्ट के गठन के बाद से अब तक की सबसे बड़ी बैठकों में से एक माना जा रहा है। ट्रस्ट का गठन साल 2020 में किया गया था और यह पहली बार है जब सभी ट्रस्टी आमने-सामने बैठक में शामिल हुए, जबकि दान की राशि के दुरुपयोग के आरोपों ने हाल ही में गंभीर चर्चा को जन्म दिया है।

बैठक में कौन-कौन मौजूद?

बैठक की अध्यक्षता महंत नृत्य गोपाल दास ने की, जबकि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने इसे बुलाया। बैठक में वरिष्ठ ट्रस्टी, पदेन सदस्य, सरकारी अधिकारी और कानूनी विशेषज्ञ शामिल हुए। पदेन सदस्यों में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रशांत लोकहंडे, उत्तर प्रदेश के गृह विभाग के मुख्य सचिव संजय प्रसाद, अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और प्रधानमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्र शामिल रहे। सूत्रों के अनुसार, नृपेंद्र मिश्र, जो मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष भी हैं, पहले व्यक्तिगत रूप से बैठक में शामिल होने वाले थे, लेकिन अंतिम समय में वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। इसी तरह संजय प्रसाद भी ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए। वहीं, चंपत राय मंदिर परिसर में मौजूद होने के बावजूद बैठक में शामिल नहीं हुए।

चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार

बैठक में बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए महासचिव चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। इसके साथ ही ट्रस्ट ने दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच पर भरोसा जताया। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में बजरंग बागरा को नया महासचिव नियुक्त किए जाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि जांच एजेंसियों के निष्कर्षों पर पूरा विश्वास रखा जाएगा।

SIT रिपोर्ट पर चर्चा और जांच में भरोसा

बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT की अंतरिम रिपोर्ट ट्रस्टियों के सामने प्रस्तुत की गई। यह टीम दान-पेटियों से चंदे की कथित गड़बड़ी की जांच कर रही है। ट्रस्टियों ने माना कि कुछ स्तर पर विश्वास का उल्लंघन हुआ है और ट्रस्ट को गुमराह करने की बातें सामने आई हैं। हालांकि, ट्रस्ट ने दोहराया कि पूरी जांच प्रक्रिया पर उसका भरोसा कायम है।

दान प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में कदम

ट्रस्ट ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए दान प्रबंधन प्रणाली को और मजबूत बनाने पर भी विचार किया। बैठक में पारदर्शिता बढ़ाने और वित्तीय नियंत्रण को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही पूर्व ट्रस्टियों और संबंधित पक्षों को भी अपना पक्ष रखने का अवसर दिए जाने की संभावना जताई गई है।

CEO पद का प्रस्ताव खारिज

बैठक में ट्रस्ट के लिए नए चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) पद के गठन का प्रस्ताव खारिज कर दिया गया। इसके अलावा साल 2025-26 के ऑडिटेड बैलेंस शीट और अन्य वित्तीय दस्तावेजों को मंजूरी देने पर भी सहमति बनी। ट्रस्टी आय-व्यय और अन्य वित्तीय पहलुओं की विस्तृत समीक्षा कर रहे हैं ताकि पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया जा सके।