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असम-मेघालय सीमा विवाद को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने की बड़ी बैठक

असम मेघालय सीमा विवाद: राजधानी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर चल रही असम-मेघालय सीमा विवाद पर बैठक संपन्न हो गई है। बैठक में मेघालय और असम दोनो राज्यों के सीएम उपस्थित थे।
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Updated: 21 Jan 2022, 7:31 AM IST
Amit Shah holds meeting on Assam Meghalaya border dispute
HM Amit Shah with CM Himanta Sarma

असम मेघालय सीमा विवाद: असम और मेघालय के बीच का सीमा विवाद को लेकर देश के ग्रह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में दिल्ली में अपने आवास पर आज यानी गुरुवार को बड़ी बैठक की है। असम और मेघालय का ये सीमा विवाद लगभग पांच दशक पुराना है। इस बैठक में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा दोनों मौजूद थे।

सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा:
बैठक खत्म होने के बाद असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज दिए गए अभ्यावेदन को सुना। उन्होंने हमें बताया कि अब गृह मंत्रालय 26 जनवरी के बाद हमें फिर से अधिकारियों के साथ बैठक के लिए बुलाएगा, ताकि चर्चा को आगे बढ़ाया जा सके।

सीएम कोनराड बोले:
मेघालय के सीएम कोनराड संगमा ने कहा कि असम के सीएम हिमंत सरमा के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और उन्हें क्षेत्रीय समितियों की रिपोर्ट से अवगत कराया। उन्होंने दोनों राज्यों द्वारा की गई पहल पर प्रसन्नता व्यक्त की। गृह मंत्रालय रिपोर्ट की जांच करेगा और हम 26 जनवरी के बाद फिर से गृह मंत्री से मुलाकात करेंगे।

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Give-and-take फॉर्मूले को मंजूरी:
आपको बता दें कि असम और मेघालय मंत्रिमंडल ने दोनों राज्यों के बीच पांच दशक पुराने सीमा विवाद को सुलझाने के लिए Give-and-take फॉर्मूले को मंजूरी दी है। बैठक में निर्णय लिया गया कि पहले चरण में 12 विवादित क्षेत्रों में से छह क्षेत्रों का समाधान किया जाएगा। जिसमें हाहिम, गिज़ांग, ताराबारी, बोकलापारा, खानापारा-पिलिंगकाटा और रातचेरा शामिल है।

वहीं अन्य छह क्षेत्रों, जहां विवाद अधिक जटिल हैं, उसपर बाद में विचार किया जाएगा। योजना के अनुसार सीमा का सीमांकन संसद प्रक्रिया के बाद किए जाने की उम्मीद है. वहीं जरूरी क्षेत्रों के निरीक्षण के लिए सर्वे ऑफ इंडिया को भी लगाया जाएगा।

क्या है सीमा विवाद:
आपको बता दें कि दोनों राज्यों के बीच सीमा का विवाद करीब 50 साल पुराना है। इस विवाद को लेकर कई बार दोनों राज्यों की सरकारों में आपस में ठनी भी है। हालांकि अब दोनों राज्य ही इस विवाद को खत्म करने की तरफ बढ़ रहे हैं। मतभेद वाले छह जगहों पर 36 गांव हैं, जिनका कुल क्षेत्रफल 36.79 वर्ग किमी है। अब दोनों राज्य छह अलग-अलग जगहों पर विभाजित करने के लिए सैद्धांतिक रूप से तैयार हो गए हैं।


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21 Jan 2022, 7:31 AM IST
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