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रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर विरोध-प्रदर्शन, छात्रों को अभिजीत दीपके ने फोन पर दिया समर्थन

jpsc jssc protest ranchi: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का बड़ा आंदोलन जारी है। भारी संख्या में अभ्यर्थी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डटे हैं। इस बीच, CJP ने फोन पर पूरा समर्थन दिया।
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JPSC Protest

रांची में छात्रों का प्रदर्शन। (फोटो- ANI)

परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर झारखंड में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन लगातार जारी है।

कुछ दिन पहले शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम तक पहुंच चुका है, जहां भारी संख्या में अभ्यर्थी डटे हुए हैं। युवाओं ने कहा कि झारखंड में अब तक कोई भी सरकारी परीक्षा निष्पक्ष नहीं हुई।

स्टेडियम में जमा युवा सुबह से शाम तक नारे लगा रहे हैं। कई छात्र-छात्राएं खाने-पीने की सुविधा के बिना भी धरने पर बैठे हैं। उनमें से ज्यादातर ग्रामीण इलाकों से आए हैं।

सीजेपी से छात्रों ने मांगा समर्थन

इस आंदोलन को अब राष्ट्रीय स्तर पर भी समर्थन मिल रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता अभिजीत दिपके और आशुतोष रंका ने रांची ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से फोन पर बात की।

उन्होंने अभ्यर्थियों का हौसला बढ़ाया और उनकी मांगों को जायज बताया। इस बीच छात्रों के साथ मौजूद सीजेपी सदस्य अमित कुमार ने कहा- झारखंड के छात्र 25 तारीख से बहुत परेशान हैं।

अमित ने आगे कहा- पहले छात्र जंतर मंतर पर थे, अब भारी संख्या में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डटे हुए हैं। उनकी जायज मांगों के लिए हम पूरी तरह साथ हैं। शरीर, मन और संसाधनों से हम इस आंदोलन के साथ खड़े हैं। अगर जरूरत पड़ी तो अभिजीत दीपके रांची आएंगे।

झारखंड में परीक्षाओं पर सवालिया निशान

अमित कुमार ने कहा कि झारखंड में अब तक जितनी भी परीक्षाएं हुईं, उनमें निष्पक्षता की उम्मीद नहीं रही। छात्रों का आरोप है कि पेपर लीक, गलत मूल्यांकन और सेटिंग जैसी समस्याएं आम हो गई हैं।

इस बार भी बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की शिकायतें आई हैं, जिसके चलते युवा सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि सभी संदिग्ध परीक्षाओं को रद्द किया जाए और नई परीक्षा निष्पक्ष तरीके से कराई जाए। साथ ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।

सरकार और प्रशासन ने कुछ नहीं कहा

छात्र आंदोलन के बावजूद स्थानीय प्रशासन ने अभी तक कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया है। पुलिस बल तैनात है, लेकिन छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि अब वे तब तक नहीं हटेंगे जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।