केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2026 के विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में NDA की सरकार बनेगी। जानें स्टालिन सरकार पर शाह के तीखे हमले और डीएमके के पोंगल उपहार कार्ड की पूरी सच्चाई।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 2026 के विधानसभा चुनावों में तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार बनाएगा। शाह रविवार को तमिलनाडु के पुदुकोट्टै जिले के पल्लथिवयाल क्षेत्र में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष नैनार नागेद्रन की चुनावी यात्रा के समापन पर आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
शाह ने कहा कि 1998, 2019 के चुनावों में हमने एकजुट होकर मुकाबला किया था। 2026 में भी हम मिलकर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने केन्द्र सरकार के काम गिनाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने 2014 से 2024 तक तमिलनाडु को 11 लाख करोड़ रुपए दिए। तमिल भाषा और संस्कृति के विकास में अहम भूमिका निभाई है। इसका प्रमाण संसद में सेंगोल स्थापित करना और प्रतियोगी परीक्षाएं तमिल में करवाना है। सभा में केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, केंद्रीय राज्य मंत्री एल. मुरुगन और तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष पोन. राधाकृष्णन सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
केन्द्रीय मंत्री शाह ने आरोप लगाया कि तमिलनाडु में कोई भी काम करवाने के लिए 20 प्रतिशत कमीशन देना पड़ता है। कई मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के मामले दर्ज हैं। एक मंत्री (सेंथिल बालाजी) जेल में रहने के बावजूद 248 दिन तक मंत्री पद पर रहे। मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन का उद्देश्य अपने बेटे उदयनिधि को मुख्यमंत्री बनाना है। करुणानिधि, एम. के. स्टालिन, अब उदयनिधि। इस तरह के परिवारवाद को खत्म करना होगा।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले डीएमके सरकार ने पोंगल त्योहार से पहले सभी पारिवारिक चावल राशन कार्डधारकों को 3,000 रुपए नकद उपहार देने की रविवार को बड़ी घोषणा की। एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों की करीब दो दशक पुरानी मांग को स्वीकारते हुए पुरानी पेंशन योजना के समकक्ष तमिलनाडु आश्वस्त पेंशन योजना (टीएपीएस) की घोषणा की थी। नकद सहायता के साथ-साथ पोंगल उपहार पैकेट में एक-एक किलोग्राम चावल, चीनी और एक गन्ना शामिल रहेगा।