
Anant Singh: बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव के दौरान पार्टी लाइन के खिलाफ काम करने के आरोप में जदयू से निष्कासित किए जाने के बाद मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने पार्टी नेतृत्व पर हमला बोला है। अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें पार्टी से निकाले जाने का न तो कोई मलाल है और न ही वे दोबारा शामिल करने के लिए किसी के सामने हाथ फैलाने जाएंगे। उन्होंने पार्टी पर खुद को 18 साल तक गाली दिलवाने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि आने वाले विधानसभा चुनाव में जेडीयू 15 सीटों के भीतर सिमट जाएगी और पार्टी का खाता खुलना भी मुश्किल हो जाएगा।
न्यूज18 बिहार-झारखंड से बातचीत में अनंत सिंह ने कहा कि वे कहीं भी रहें, लेकिन उनके दिल में नीतीश कुमार का सम्मान हमेशा वही रहेगा। उन्होंने कहा कि अगर नीतीश कुमार पूरी तरह सक्रिय होते और पार्टी के मामलों पर उनका पूरा नियंत्रण होता, तो किसी की भी उन्हें बाहर निकालने की हिम्मत नहीं होती। उन्होंने कहा कि आज नीतीश कुमार उस स्थिति में नहीं हैं, इसी का फायदा उठाकर पार्टी के भीतर कुछ अवसरवादी लोग मालिक बन बैठे हैं और मनमर्जी से फैसले ले रहे हैं। नीतीश के बेटे निशांत कुमार को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
पार्टी द्वारा विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर उनकी विधायक सदस्यता खत्म करने की प्रक्रिया शुरू करने के फैसले को लेकर अनंत सिंह पूरी तरह बेफिक्र दिखे। उन्होंने कहा कि उन्हें न मरने का गम है और न ही जीने की खुशी, पार्टी जो चाहे कार्रवाई कर ले। उन्होंने कहा कि 18 साल से नीरज कुमार जैसे लोग उन्हें मंचों से गालियां दे रहे थे, तब पार्टी के मुंह में छाले पड़ गए थे और आज जब उन्होंने सही कदम उठाया तो पार्टी ने मुंह खोलते हुए उन्हें बाहर कर दिया। उन्होंने कहा कि वे किसी से यह कहने नहीं गए कि उनसे गलती हो गई है या उन्हें माफ कर दिया जाए।
JDU नेताओं पर तंज कसते हुए अनंत सिंह ने कहा कि जो लोग आज मंत्री बनकर रौब झाड़ रहे हैं, पार्टी को खड़ा करने में उनका शून्य योगदान है। यह सब कुछ नीतीश कुमार का बनाया हुआ है, जिसकी मलाई ये लोग खा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगले डेढ़-दो साल में जब चुनाव आएगा, तब इन नेताओं की औकात सामने आ जाएगी और कोई कुत्ता भी इन्हें पूछने नहीं आएगा। अनंत सिंह ने आगे कहा कि पार्टी के कई पदाधिकारियों और बाढ़ जिलाध्यक्ष तक को निकाल दिया गया है, ऐसे में पार्टी को अब झाल बजाने के अलावा कोई काम नहीं बचेगा।
जब उनसे पूछा गया कि वे आगे किस राजनीतिक दल में शामिल हो सकते हैं, तो अनंत सिंह ने अपने चिर-परिचित अंदाज में जवाब दिया कि जब उन्होंने खुद ही अभी तक इस बारे में नहीं सोचा है, तो वे मीडिया को क्या बता सकते हैं? उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता ही असली मालिक और भगवान है और वही अंतिम फैसला करती है। उन्होंने कहा कि वे पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हैं और उन्हें पूरा भरोसा है कि जनता चुनाव में इसका हिसाब चुकता करेगी।