आंध्र प्रदेश में शनिवार के मंदिर में भगदड़ मच गई। घटना को लेकर राज्य सरकार ने बयान जारी किया है। वहीं पीएम और सीएम ने घटना पर दुख जताया है।
आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम स्थित वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में शनिवार को अचानक भगदड़ मच गई। इसमें 10 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। यह घटना उस समय हुई जब एकादशी के अवसर पर हजारों श्रद्धालु इकट्ठा हो गए थे। पीएम मोदी और सीएम चंद्रबाबू नायडू ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। यह घटना किस कारण हुई, इसको लेकर राज्य सरकार की ओर से बयान जारी किया गया है।
भगदड़ की घटना पर आंध्र प्रदेश सरकार का बयान सामने आया है। प्रदेश सरकार ने कहा कि मंदिर में प्रवेश और विकास के लिए एक ही रास्ते का इस्तेमाल किया जा रहा था। बयान में कहा गया है कि एकादशी के अवसर पर मंदिर में लगभग 15,000 लोग आए थे, जिसके बाद भीड़ के दबाव के कारण प्रवेश-निकास मार्ग पर लगी रेलिंग टूट गई। इससे लोगों में दहशत फैल गई और भगदड़ मच गई।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस घटना पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश में वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में हुई भगदड़ में हुई दुखद जनहानि से अत्यंत दुःखी हूँ। शोक संतप्त परिवारों और सभी घायलों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। मैं आशा करता हूँ कि उन्हें शक्ति मिले और वे शीघ्र स्वस्थ हों।
राहुल गांधी ने आगे कहा- मैं आंध्र प्रदेश सरकार से आग्रह करता हूं कि वह राहत कार्यों के लिए हर संभव संसाधन जुटाए और पीड़ित परिवारों के साथ सहानुभूति, सम्मान और शीघ्रता से संपर्क बनाए। मैं क्षेत्र के हमारे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से भी अपील करता हूँ कि वे राहत कार्यों में सहयोग करें और शोक संतप्त लोगों का साथ दें।
बीआरएस विधायक तलसानी श्रीनिवास यादव ने कहा- यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कार्तिक माह चल रहा है और लोग बड़ी संख्या में मंदिर में दर्शन के लिए आ रहे हैं। भारी भीड़ के कारण भगदड़ मची। 10 लोगों की मौत हो गई, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। हम उनके प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं।
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने शनिवार को श्रीकाकुलम जिले में भगदड़ के बाद अधिकारियों को राज्य भर के मंदिरों में प्रभावी भीड़ नियंत्रण उपायों को लागू करने का निर्देश दिया।
डिप्टी सीएम कल्याण ने कहा कि निर्देशों का उद्देश्य ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना है, विशेषकर आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण दिनों पर जब बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने की संभावना होती है। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि वे “यह सुनिश्चित करें कि राज्य भर के मंदिरों में भीड़ नियंत्रण के उचित उपाय लागू किए जाएं” ताकि भविष्य में श्रीकाकुलम जैसी त्रासदी से बचा जा सके।