Explosion: आंध्र प्रदेश के समरलाकोटा में एक पटाखा फ़ैक्ट्री में हुए भीषण धमाके में 18 लोगों की जान चली गई और 8 अन्य गंभीर रूप से ज़ख़्मी हो गए।
Tragic Incident : आंध्र प्रदेश के नेल्लोर ज़िले से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली ख़बर सामने आई है। शनिवार की दोपहर यहाँ समरलाकोटा की एक पटाखा फ़ैक्ट्री (Samarlakota Firecracker Factory)में हुए ज़ोरदार धमाके (Andhra Pradesh Blast) ने पूरे इलाक़े को थर्रा कर रख दिया। इस भीषण हादसे (Firecracker Explosion) में 18 लोगों की जान चली गई है, जबकि 8 लोग गंभीर रूप से ज़ख़्मी बताए जा रहे हैं। मरने वालों में ज़्यादातर महिलाएँ शामिल हैं, जो उस वक़्त फ़ैक्ट्री के अंदर काम कर रही थीं। धमाका इतना भयंकर था कि इसकी गूँज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई, जिससे आस-पास के गाँवों में दहशत का माहौल बन गया।
यह भयानक हादसा समरलाकोटा मंडल के वेतलापलेम इलाक़े में स्थित 'सूर्यश्री फायर वर्क्स सेंटर' में हुआ। शनिवार दोपहर क़रीब 2 बजे जब फ़ैक्ट्री में रोज़मर्रा का काम चल रहा था, तभी अचानक एक ज़ोरदार विस्फोट हुआ। इस धमाके के तुरंत बाद पूरी फ़ैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज़ थीं कि देखते ही देखते सब कुछ जलकर ख़ाक होने लगा। आसमान में काले धुएँ का इतना घना ग़ुबार छा गया कि उसे आस-पास के पाँच गाँवों से साफ़ देखा जा सकता था।
स्थानीय लोगों के मुताबिक़, धमाके की आवाज़ किसी बड़े बम विस्फ़ोट जैसी थी, जो क़रीब 5 किलोमीटर के दायरे तक साफ़ सुनाई दी। इस विस्फ़ोट की तीव्रता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फ़ैक्ट्री के पास ही मौजूद एक प्राइवेट स्कूल की इमारत भी इससे दहल गई और उसकी छत में दरारें आ गईं। गनीमत यह रही कि स्कूल में कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
इस पूरी घटना ने फ़ैक्ट्री के संचालन पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह पटाखा फ़ैक्ट्री अडापा नानी नाम के व्यक्ति के परिवार द्वारा चलाई जा रही थी। आस-पास रहने वाले लोगों का आरोप है कि मुनाफ़े के लालच में फ़ैक्ट्री के अंदर तय सीमा (Permissible Limit) से कहीं ज़्यादा मात्रा में बारूद और पटाखे रखे गए थे। इसी भारी मात्रा में रखे गए बारूद के कारण आग ने इतना विकराल रूप ले लिया और इतने लोगों को अपनी जान गँवानी पड़ी। हादसे के बाद कई शव बुरी तरह से झुलस गए हैं, जिससे उनकी पहचान कर पाना भी मुश्किल हो रहा है।
इस बड़े और दर्दनाक हादसे की ख़बर मिलते ही राज्य सरकार तुरंत हरकत में आ गई। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, जो इस समय विजयनगरम के दौरे पर हैं, उन्होंने घटना का कड़ा संज्ञान लिया है। सीएम नायडू ने शीर्ष अधिकारियों से फ़ोन पर बात कर हालात की पूरी जानकारी ली और मौक़े पर युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाने के निर्देश दिए हैं।
गंभीर रूप से ज़ख़्मी हुए 8 लोगों को तुरंत एंबुलेंस की मदद से नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की टीम उनकी जान बचाने में जुटी है। इस बीच, राज्य की गृह मंत्री अनिता भी घटना की गंभीरता को देखते हुए मौक़े के लिए रवाना हो गई हैं। नेल्लोर ज़िले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) ख़ुद घटनास्थल पर मौजूद हैं और राहत कार्यों की सीधी निगरानी कर रहे हैं।