
ईरान इजराइल युद्ध (X)
Missile Strike: इज़रायल और अमेरिका ने ईरान पर हमले कर इस देश को बुरी तरह दहला दिया है। ईरान पर इस हमले के बाद अब मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका और इज़रायल ने एक साझा और बड़े सैन्य अभियान के तहत ईरान पर भीषण हमले किए हैं, जिससे पूरा क्षेत्र युद्ध की चपेट में आ गया है। ताज़ा मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के ख़िलाफ़ शुरू किए गए अपने इस आक्रामक सैन्य अभियान (US Iran War Updates) को 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (Operation Epic Fury) नाम दिया है। अमेरिकी डिफेंस का एयरबेस सक्रिय हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दी गई चेतावनी के कुछ ही दिनों बाद, अमेरिका और इज़रायली सेना ने ईरान के प्रमुख सैन्य और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजधानी तेहरान सहित कई शहरों में ज़ोरदार धमाके सुने गए। न्यूज़ एजेंसियों के अनुसार, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई के दफ़्तर के नज़दीक भी हमले होने की ख़बर है, जिसके बाद उन्हें एक सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है। इधर खबर है कि मौजूदा हालात के मददेनजर अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) राष्ट्र को संबोधित कर सकते हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक वीडियो जारी करते हुए इस बड़े सैन्य अभियान की पुष्टि की। ट्रंप ने सीधे ईरान के नागरिकों को भी संबोधित किया और उनसे अपनी सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "आपकी आज़ादी का समय आ गया है। जब हम अपना काम पूरा कर लेंगे, तो आप अपनी सरकार को अपने हाथ में ले लें।"
अमेरिका और इज़रायल के इस संयुक्त हमले के तुरंत बाद, ईरान ने भी ज़बरदस्त पलटवार किया है। ईरान की न्यूज़ एजेंसी 'फार्स' (Fars News) और 'तस्नीम' (Tasnim) के हवाले से बताया गया है कि ईरान की 'इस्लामिक रिवोल्युशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन्स की बारिश कर दी है।
ईरान ने जिन देशों में फैले कुल 7 अमेरिकी एयरबेस को मुख्य रूप से निशाना बनाया है, वे हैं:
क़तर: 'अल उदीद एयरबेस' (Al Udeid Air Base) - यह मध्य पूर्व में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा है और यहाँ सेंट्रल कमांड का अहम हिस्सा मौजूद है।
बहरीन: नेवल सपोर्ट एक्टिविटी / ईसा एयरबेस (NSA Bahrain / Isa Air Base) - यहाँ अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े (US Fifth Fleet) का हेडक्वार्टर स्थित है, जहाँ मिसाइलें दाग़ी गईं।
यूएई (UAE): 'अल धफ़रा एयरबेस' (Al Dhafra Air Base) - अबू धाबी के पास स्थित इस एयरबेस पर मिसाइलें दाग़ी गईं, जहाँ यूएई ने हमले को रोकने का प्रयास किया।
कुवैत: 'अली अल सलेम एयरबेस' (Ali Al Salem Air Base) - यह कुवैत में अमेरिकी वायुसेना और गठबंधन सेनाओं का एक बहुत बड़ा और अहम ठिकाना है।
कुवैत: 'कैंप आरिफ़जान' (Camp Arifjan) - यह कुवैत में अमेरिकी सेना का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा, लॉजिस्टिक और कमांड सेंटर है, जो ईरान के रडार पर रहा है।
इराक़: 'ऐन अल-असद एयरबेस' (Ain al-Asad Airbase) - पश्चिमी इराक़ में स्थित यह अमेरिका का बेहद महत्वपूर्ण एयरबेस है (ईरान अपनी जवाबी कार्रवाई में इसे पहले भी निशाना बना चुका है)।
इराक़: 'एरबिल एयरबेस' (Erbil Air Base) - उत्तरी इराक़ के कुर्दिस्तान क्षेत्र में स्थित यह सैन्य अड्डा भी अमेरिकी सेना के सबसे अहम ठिकानों में से एक है।
ईरान के इस आक्रामक पलटवार ने खाड़ी देशों में दहशत फैला दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यूएई की सेना ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए ईरान की कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। लेकिन इस दौरान अबू धाबी में हुए धमाकों और इंटरसेप्ट की गई मिसाइल के मलबे की चपेट में आने से एक एशियाई नागरिक की मौत हो गई। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक पीड़ित की पहचान और नागरिकता को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यूएई सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अपनी संप्रभुता का "खुला उल्लंघन" क़रार दिया है।
इस भारी सैन्य टकराव के कारण कुवैत, कतर, यूएई, बहरीन और इराक समेत कई देशों ने अपने एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) पूरी तरह से बंद कर दिए हैं। मिडिल ईस्ट अब एक पूर्णकालिक क्षेत्रीय युद्ध के मुहाने पर खड़ा हुआ है और बहरीन सहित कई देशों में स्थित अमेरिकी दूतावासों ने अपने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों (शेल्टर) में रहने की कड़ी चेतावनी जारी की है।
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Updated on:
28 Feb 2026 05:01 pm
Published on:
28 Feb 2026 04:55 pm
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