
Arif Mohammed Khan Oath Ceremony: आरिफ मोहम्मद खान ने आज यानी गुरुवार, 02 जनवरी को बिहार के 42वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली है। पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश कृष्ण विनोद चंद्रन (Krishna Vinod Chandran) ने उन्हें राजभवन में आयोजित एक समारोह में पद की शपथ दिलाई। बिहार को 26 साल बाद कोई मुस्लिम राज्यपाल मिला है। इससे पहले 1998 तक मुस्लिम समाज से AR किदवई बिहार के राज्यपाल थे। आरिफ खान ने राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर का स्थान लिया। राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को केरल का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। आरिफ मोहम्मद खान ने मीडिया से कहा कि वह “राज्य की गौरवशाली परंपरा के अनुसार अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का प्रयास करेंगे।” RJD नेता तेजस्वी यादव ने भी आरिफ मोहम्मद खान को शुभकामनाएं दीं।
शपथ लेने के बाद आरिफ मोहम्मद खान ने मीडिया से कहा, 'मैंने अभी शपथ ली है। बिहार का एक शानदार इतिहास है और बिहार के लोगों में बहुत क्षमता है। वे देश की पूरी व्यवस्था चला रहे हैं।' कार्यभार संभालने से पहले आरिफ मोहम्मद खान ने पटना में पूर्व राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद को पुष्पांजलि अर्पित की। आरिफ खान ने राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर का जगह ली। राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने आज ही केरल के राज्यपाल के रूप में शपथ ली। उन्हें केरल HC के मुख्य न्यायाधीश नितिन मधुकर जामदार ने पद की शपथ दिलाई।
RJD नेता तेजस्वी यादव ने आरिफ मोहम्मद खान को शुभकामनाएं दीं। तेजस्वी यादव ने संवाददाताओं से कहा, 'मैं राज्यपाल को शुभकामनाएं देता हूं और उम्मीद करता हूं कि संविधान की रक्षा की जाएगी।" बता दें कि 21 दिसंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को केरल का नया राज्यपाल नियुक्त किया। राष्ट्रपति ने आरिफ मोहम्मद खान को बिहार का राज्यपाल भी नियुक्त किया। इससे पहले केरल के राज्यपाल के रुप में आरिफ मोहम्मद खान ने अपने कार्यकाल के समाप्त होने पर केरल के लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया और राज्य के साथ अपने आजीवन जुड़ाव को रेखांकित किया। आरिफ खान ने केरल के लोगों और सरकार को अपनी शुभकामनाएं दीं और उल्लेख किया कि उनके कार्यकाल के दौरान कोई अशांति नहीं हुई।
बिहार के नए राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान पदभार ग्रहण के साथ ही 26 साल बाद बिहार को कोई मुस्लिम राज्यपाल मिला है। आरिफ खान राज्य से पहले AR किदवई 14 अगस्त, 1993 से 26 अप्रैल, 1998 तक राज्यपाल के रूप में कार्यरत थे। अपने बयानों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाले आरिफ मोहम्मद खान को बिहार का राज्यपाल बनाना BJP की एक सधी हुई रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। आरिफ मोहम्मद खान और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोनों ही करीब 35 वर्ष पहले एक साथ एक ही मंत्रिमंडल का हिस्सा रह चुके हैं। कांग्रेस से राजनीति की शुरुआत करने वाले आरिफ मोहम्मद खान BSP से होते हुए 2004 में BJP में शामिल हुए थे।
बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 में ही होना है। आरिफ मोहम्मद खान को बिहार का राज्यपाल बनाने से बीजेपी को चुनाव में मुस्लिम वोटरों को साधने में आसानी होगी। बिहार में 2025 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले आरिफ को बिहार का गवर्नर बनाकर बीजेपी ये संदेश देना चाहती है कि वह राष्ट्रवादी और प्रगतिशील मुस्लिम चेहरों को आगे बढ़ाने की पक्षधर भी है।