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मुस्लिम अल्पसंख्यकों पर किरेन रिजिजू की टिप्पणी पर भड़के असदुद्दीन ओवैसी, केंद्रीय मंत्री पर दुष्प्रचार का लगाया आरोप

Asaduddin Owaisi slams Kiren Rijiju on Muslim minority: मुस्लिम अल्पसंख्यकों पर किरेन रिजिजू की टिप्पणी पर भड़के AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी। केंद्रीय मंत्री पर लगाया मौलिक अधिकारों को छीनने की कोशिश और दुष्प्रचार का बड़ा आरोप।

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May 20, 2026
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी। (Photo -IANS)

Asaduddin Owaisi on Muslim population India: मुस्लिम अल्पसंख्यकों को लेकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की टिप्पणियों पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तीखा हमला बोला है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री भारत की मुस्लिम आबादी को उनके मौलिक अधिकारों से व्यवस्थित रूप से वंचित करने का प्रयास कर रहे हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ओवैसी ने किरेन रिजिजू को 'अल्पसंख्यकों के खिलाफ मंत्री' करार दिया और जनसांख्यिकीय वर्गीकरण की उनकी समझ पर सवाल उठाए। उन्होंने तर्क दिया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 30 के तहत, जो अल्पसंख्यकों को शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने और उन्हें संचालित करने का अधिकार देता है, हिंदू-बहुल देश में हर गैर-हिंदू समूह कानूनी रूप से अल्पसंख्यक की श्रेणी में आता है।

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ओवैसी ने लिखा, 'किरेन रिजिजू के लिए गणित का एक सीधा सा सवाल: 79.8% बड़ा है या 14%? यदि हिंदू बहुसंख्यक समुदाय हैं, तो हर गैर-हिंदू समूह अल्पसंख्यक ही है। मंत्री महोदय मुसलमानों को उनके मौलिक अधिकारों से वंचित करने के लिए दुष्प्रचार कर रहे हैं।'

भाषाई अल्पसंख्यकों का दिया उदाहरण

ओवैसी ने केंद्रीय मंत्री के तर्क को चुनौती देने के लिए क्षेत्रीय भाषाओं का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि यदि केवल जनसंख्या का आकार ही किसी समूह को अल्पसंख्यक दर्जे से बाहर करने का पैमाना मान लिया जाए, तो गैर-हिंदी भाषी राज्यों में रहने वाले हिंदी भाषियों को भी भाषाई अल्पसंख्यक नहीं माना जा सकेगा, जबकि उनकी सामूहिक संख्या संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा की कुल आबादी से भी कहीं अधिक है।

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा विवाद केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के एक सम्मेलन को संबोधित करने के बाद शुरू हुआ। इस सम्मेलन में रिजिजू ने मुस्लिम आबादी की तुलना पारसी समुदाय से की थी। उन्होंने कहा था कि भारत की मुस्लिम आबादी इतनी बड़ी है कि उससे दुनिया का छठा सबसे बड़ा देश बन सकता है, जबकि इसके विपरीत पारसियों की संख्या देश में केवल 53,000 के आसपास है।

दरअसल, दोनों नेताओं के बीच यह जुबानी जंग इस महीने की शुरुआत में महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में ओवैसी द्वारा की गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद और तेज हो गई, जिसमें ओवैसी ने स्थानीय मतदाता सूची के सत्यापन को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे।

ओवैसी ने आरोप लगाया कि नफरत से प्रेरित एक नियोजित एजेंडे के तहत मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन' (SIR) को राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) जैसे विवादास्पद नागरिकता ढांचों से जोड़ा जा रहा है, जिसे गृह मंत्रालय द्वारा संभाला जाएगा।

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Published on:
20 May 2026 11:53 am
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