
विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी की मौत को लेकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आशीष बनर्जी की मौत के पीछे तृणमूल कांग्रेस के कुछ भ्रष्ट तत्व शामिल हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने खुलकर कहा कि हो सकता है कि ये लोग उन्हें धमकी दे रहे होंगे कि जांच शुरू हुई तो उनका नाम भी जोड़ देंगे। बता दें कि आशीष बनर्जी रविवार सुबह बीरभूम जिले के रामपुरहाट में अपने घर के पास तृणमूल पार्टी ऑफिस में फांसी के फंदे से लटके मिले।
पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला। सीएम ने साफ कहा कि उनके खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं था और पुलिस ने कोई नोटिस भी नहीं भेजा था।
उन्होंने आशीष को सज्जन व्यक्ति बताया और कहा कि पुलिस उनके फोन कॉल रिकॉर्ड चेक करे। इससे पता चलेगा कि कौन उन्हें ब्लैकमेल कर रहा था।
नोट में आशीष बनर्जी ने लिखा कि उन्होंने कभी भ्रष्टाचार नहीं किया और किसी काम के बदले पैसे नहीं लिए। उन्होंने तारापीठ-रामपुरहाट डेवलपमेंट अथॉरिटी (टीआरडीए) का जिक्र करते हुए कहा कि टेंडर, चेक जारी करने या एनओसी देने में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
उन्होंने पार्टी के अंदर गलत कामों का विरोध नहीं कर पाए और राजनीति में आना अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती बताया। परिवार को राजनीति से दूर रहने की सलाह दी और लिखा कि उनकी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है।
आशीष बनर्जी रामपुरहाट से पांच बार विधायक चुने गए थे। उन्होंने लगभग 25 साल तक इस सीट का प्रतिनिधित्व किया। ममता बनर्जी सरकार में वे डिप्टी स्पीकर और मंत्री भी रह चुके थे। इस साल के विधानसभा चुनाव में वे हार गए।
बता दें कि बंगाल में इस साल सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल के कई नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच चल रही है। कुछ को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।
आशीष बनर्जी हाल के दिनों में पार्टी के मुख्य गुट से थोड़ा अलग हो गए थे और विद्रोही खेमे के करीब बताए जा रहे थे। जांच एजेंसियां नोट की सच्चाई और मौत के असली कारणों का पता लगाने में जुटी हैं। तृणमूल की तरफ से शोक जताया गया है। कुछ नेताओं ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ गलत प्रचार चलाया गया था।