
Ashwini Vaishnaw Press Conference: दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में विश्व ने भारत की तकनीकी ताकत देखी। पिछले पांच दिनों से लगातार टेक के ग्लोबल लीडर्स के साथ भारत सरकार का ये सम्मेलन हिंदुस्तान में एआई तकनीक को नए आयाम दे रहा है। इसी बीच इलेक्ट्रोनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलोजी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस वार्ता में समिट की सफलता और नतीजों पर बात की है। उन्होंने भारत के विजन को लेकर भी कई सवालों का जवाब दिया।
प्रेस वार्ता के दौरान जहां एक तरफ केंद्रीय मंत्री सभी सवालों का पूरी गंभीरता से जवाब देते हुए नजर आए, वहीं राजस्थान पत्रिका के सवाल पर अश्विनी वेष्णव काफी ने अपने दिल की बात कही। पत्रिका डॉट कॉम के संवाददाता हिमांशु सोनी ने जब उनसे सवाल किया कि एआई के क्षेत्र में राज्य सरकारें कैसे भारत सरकार के साथ मिलकर काम करेगी तो केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पत्रिका से हो तो आप तो हिंदी में सवाल पूछिए ताकि हमें भी तो चांस मिले हिंदी में जवाब देने का । जब उनसे यही सवाल हिंदी में पूछा गया तो मुस्कराते हुए अश्विनी वेष्णव ने कहा- 'मैं बचपन से पत्रिका पढ़ता आया हूं।' केंद्रीय मंत्री को यूं मुस्कराते हुए देखकर सभी पत्रकार भी मुस्कराने लगे।
इसके अलावा केंद्रीय मंत्री से जब पूछा गया कि इस पूरी समिट से उन्होंने क्या सीख ली है तो उन्होंने कहा कि पर्सनल तौर पर उन्होंने ये सीख ली है कि इतनी सारी अच्छाई में कैसे एक छोटी सी बुराई भी बड़ी हो जाती है। अश्विनी वेष्णव का इशारा यहां समिट के दौरान गलगोटिया यूनिवर्सिटी के विवाद की तरफ था। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि जैसे ही उन्हें पता चला कि कैसे एक्पो के दौरान एक संस्थान द्वारा अच्छे काम का अपमान किया गया है तो तुरंत उन्होंने इस पर एक्शन लिया। उन्होंने कहा कि ये बात इतनी ज्यादा बड़ी हो गई और हर जगह तेजी से फैल गई जो कि नहीं होनी चाहिए था।
इसके अलावा प्रेस वार्ता के दौरान केंद्रीय मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि ये समिट यूथ के लिए हैं। एआई तकनीक भी युवाओं के लिए हैं और भारत सरकार इसमें पूरा योगदान दे रही है लेकिन विपक्ष की तरफ से समिट को लेकर सवाल उठाना उनकी समझ से परे हैं। इस समिट को राजनीति से पूरी तरह से अलग रखना चाहिए।