Assam Election 2026: राज्य की 37 लाख महिलाओं को 8 हजार रुपए दिए जाएंगे। यह राशि 20 फरवरी को सीधे लाभार्थियों के खाते में आएगी।
Assam Assembly Elections 2026: असम में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले बीजेपी ने प्रदेश में महाराष्ट्र और बिहार वाला दांव खेल दिया है। दरअसल, नए साल के मौके पर सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने महिलाओं को बड़ा तोहफा दिया है। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए सीएम ने कहा कि राज्य की 37 लाख महिलाओं को 8 हजार रुपए दिए जाएंगे। यह राशि 20 फरवरी को सीधे लाभार्थियों के खाते में आएगी।
बता दें कि 8 हजार रुपये में जनवरी से अप्रैल तक की अवधि की ओरुनोदोई योजना के 5 हजार रुपये भी शामिल हैं। इसके अलावा बिहू के उपहार के तौर पर 3 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। हिमंत सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य महिलाओं की आजीविका को मजबूती और आर्थिक सहारा प्रदान करना है।
नए साल के मौके पर सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने महिलाओं के अलावा छात्रों के लिए बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि फरवरी से बाबू असोनी योजना के तहत स्नातकोत्तर छात्रों को प्रति माह 2,000 रुपये और स्नातक के छात्रों को प्रति माह 1,000 रुपये दिए जाएंगे ताकि वे अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें।
प्रदेश की महिलाओं ने इस घोषणा के लिए सीएम सरमा का धन्यवाद व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ी घोषणा है। हम इसका स्वागत करते हैं क्योंकि इससे हमें बिहू को और भी भव्य तरीके से मनाने में मदद मिलेगी। सीएम सरमा द्वारा दिए गए 8,000 रुपये के दान से हम अपने बच्चों को कपड़े तोहफे में दे पाएंगे और साथ ही रोंगाली बिहू को धूमधाम और भव्यता से मना पाएंगे।
बता दें कि महाराष्ट्र और बिहार में महिलाओं को सीधे नकद हस्तांतरण देने वाली योजनाओं ने बीजेपी-नीत गठबंधन की जीत में अहम भूमिका निभाई है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना ने महायुति की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को 1500 रुपये मासिक (बाद में 2100 का वादा) दिए गए, जिससे 2.3 करोड़ से अधिक महिलाएं लाभान्वित हुईं। कई विश्लेषणों ने इसे 'गेम-चेंजर' बताया, क्योंकि महिलाओं का मतदान बढ़ा और ग्रामीण क्षेत्रों में महायुति को मजबूत समर्थन मिला।
इसके अलावा बिहार में भी एनडीए ने शानदार जीत हासिल की। प्रदेश में 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' के तहत 1.5 करोड़ महिलाओं को 10,000 रुपये की एकमुश्त राशि दी गई। विश्लेषकों ने इसे महिला मतदाताओं को लामबंद करने में निर्णायक बताया।