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मुश्किल में अनिल अंबानी! CBI ने 8 घंटे तक की पूछताछ, जानें क्या है पूरा मामला

Anil Ambani SBI Fraud Case: SBI का कहना है कि RCom और अनिल अंबानी ने लोन की शर्तों का पालन नहीं किया और पैसे का गलत इस्तेमाल किया, जिससे बैंक को भारी नुकसान हुआ।

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भारत

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Saurabh Mall

Mar 19, 2026

ANIL AMBANI CBI

अनिल अंबानी की बढ़ी मुश्किलें (इमेज सोर्सल PTI)

Anil Ambani 2929 Crore Scam: सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने गुरुवार को अनिल अंबानी से करीब 8 घंटे तक पूछताछ की। यह पूछताछ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शिकायत पर की गई, जिसमें रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) पर करीब 2,929 करोड़ रुपये के फ्रॉड का आरोप है। CBI ने अनिल अंबानी को कल यानी शुक्रवार को फिर से पूछताछ के लिए अपने ऑफिस में बुलाया है।

SBI का क्या है आरोप?

SBI का कहना है कि RCom और अनिल अंबानी ने लोन की शर्तों का पालन नहीं किया और पैसे का गलत इस्तेमाल किया, जिससे बैंक को भारी नुकसान हुआ। बैंक ने पिछले साल जून में इन खातों को “फ्रॉड” घोषित कर दिया था। इसी मामले में CBI पहले RCom के दफ्तर और अनिल अंबानी के घर पर भी छापेमारी कर चुकी है।

अनिल अंबानी के साथ, ऑथम इंवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के फुल-टाइम डायरेक्टर अमित डांगी को भी बुलाया गया और उनसे 7 घंटे तक पूछताछ की गई। ऑथम इंवेस्टमेंट ने रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड के एसेट्स अपने कब्जे में ले लिए हैं, दोनों की जांच चल रही है।

बॉम्बे हाई कोर्ट की टिप्पणी

बॉम्बे हाई कोर्ट ने SBI के केस फाइल करने के फैसले को सही ठहराया, जिसके बाद अंबानी ने दिसंबर में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। रिलायंस चीफ ने दावा किया कि कुछ डॉक्यूमेंट्स, जिनके आधार पर क्लासिफिकेशन ऑर्डर पास किए गए थे, उन्हें शुरू में नहीं दिए गए थे और छह महीने बाद ही दिए गए थे।

कभी देश की बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में से एक थी ‘RCom’

बता दें रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) कभी देश की बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में से एक थी, लेकिन भारी कर्ज के कारण अब यह दिवालिया प्रक्रिया (इन्सॉल्वेंसी) से गुजर रही है।

पिछले हफ्ते, जय अनमोल अंबानी से सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने करीब 2 दिन तक पूछताछ की। यह मामला रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) से जुड़े 228 करोड़ रुपये के कथित बैंक फ्रॉड का है।

CBI का कहना है कि इस केस में RHFL के पूर्व CEO रवींद्र सुधालकर और अन्य लोगों के साथ मिलकर धोखाधड़ी और साजिश की गई। CBI ने 6 दिसंबर 2025 को इस मामले में केस दर्ज किया था। यह कार्रवाई यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (पहले आंध्रा बैंक) की शिकायत के आधार पर की गई। बैंक का आरोप है कि इस पूरे मामले में उसे करीब 228 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।