बॉम्बे हाई कोर्ट ने SBI के केस फाइल करने के फैसले को सही ठहराया, जिसके बाद अंबानी ने दिसंबर में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। रिलायंस चीफ ने दावा किया कि कुछ डॉक्यूमेंट्स, जिनके आधार पर क्लासिफिकेशन ऑर्डर पास किए गए थे, उन्हें शुरू में नहीं दिए गए थे और छह महीने बाद ही दिए गए थे।