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LPG Crisis पर बोली सरकार- पहले की तरह हो रही सिलेंडर की डिलीवरी, किसी डिस्ट्रीब्यूटर के पास खत्म नहीं हुई है गैस

Sujata Sharma

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा

LPG Crisis: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि देश में कोई भी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर फिलहाल 'ड्राई आउट' (खाली स्टॉक) की स्थिति का सामना नहीं कर रहा है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सिलेंडर की डिलीवरी बिना किसी बाधा के जारी है। पश्चिम एशिया में हालिया घटनाक्रमों के बीच अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने यह जानकारी दी।

'स्टॉक फुल है, डिलीवरी भी होगी ऑन-टाइम'

सुजाता शर्मा ने कहा, 'एलपीजी के मुद्दे पर मैं दोहराना चाहूंगी कि स्थिति अभी भी चिंता का विषय है। हालांकि, वर्तमान में कोई एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर ड्राई आउट की स्थिति में नहीं है। सभी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी सप्लाई और सिलेंडर डिलीवरी सामान्य रूप से जारी है।' उन्होंने जोर दिया कि घरेलू खपत को प्राथमिकता दी जा रही है और सरकार हर स्तर पर एलपीजी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरे प्रयास कर रही है।

94% सिलेंडर बुकिंग ऑनलाइन

मंत्रालय ने बताया कि डिजिटल ट्रांजिशन में बड़ी प्रगति हुई है। अब लगभग 94% सिलेंडर बुकिंग ऑनलाइन हो रही है, जबकि डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड सिस्टम की दक्षता 76% तक पहुंच गई है। कमर्शियल एलपीजी में शुरू में सप्लाई पूरी तरह रुकी थी, लेकिन अब आंशिक रूप से बहाल हो गई है। करीब 17 राज्य सरकारों ने कमर्शियल एलपीजी के लिए आवंटन आदेश जारी किए हैं और सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में सप्लाई प्रदान की जा रही है।

दो हफ्तों में 1.25 लाख नए घरेलू

स्थिति को स्थिर करने के लिए केंद्र ने 10% अतिरिक्त कमर्शियल एलपीजी प्रदान करने का प्रस्ताव दिया है और राज्यों से पीएनजी नेटवर्क विस्तार में सहयोग मांगा है। इन प्रयासों से पिछले दो हफ्तों में करीब 1.25 लाख नए घरेलू, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल कनेक्शन दिए गए हैं। पिछले तीन दिनों में ही 5,600 से अधिक घरेलू एलपीजी उपभोक्ता पीएनजी पर शिफ्ट हो चुके हैं।

कई राज्यों में छापेमारी, एफआईआर और गिरफ्तारियां

मंत्रालय ने ब्लैक मार्केटिंग और जमाखोरी पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। करीब 31 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं और 25 क्षेत्रों में जिला-स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटियां सक्रिय हैं। कई राज्यों में छापेमारी, एफआईआर और गिरफ्तारियां हुई हैं। सुजाता शर्मा ने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और ऑनलाइन बुकिंग करें। उन्होंने कहा, 'पैनिक बुकिंग कम हुई है, लेकिन कुछ डिस्ट्रीब्यूटर्स पर कतारें अभी भी दिख रही हैं। कृपया गैस एजेंसी पर अनावश्यक न जाएं।