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असम चुनाव से पहले बड़ी सफलता: 55.29 करोड़ की नशीली दवाएं और 291 मोबाइल के साथ 285 लोग गिरफ्तार

असम विधानसभा चुनाव 2026 से पहले RPF को बड़ी सफलता मिली है। असम में चुनावी माहौल के बीच RPF ने तस्करों के पास से करोड़ों रुपए की नशीली दवाएं बरामद की हैं।
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Apr 03, 2026
Northeast Frontier Railway
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे मुख्यालय (Image-ANI)

असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान होगा। असम विधानसभा चुनाव (Assam Elections 2026 ) से पहले पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे को बड़ी सफलता मिली है। NFR ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान रेलवे सुरक्षा बल (RPF) द्वारा चलाए गए ऑपरेशन में ₹55.29 करोड़ की नशीली दवाएं और 291 मोबाइल जब्त किए हैं।

291 मोबाइल, ₹55.29 करोड़ की नशीली दवाएं सहित 285 चोर गिरफ्तार

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने RPF द्वारा चलाए गए अभियानों की सफलता की जानकारी दी है। CPRO ने बताया कि कड़ी निगरानी, ​​त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र और सक्रिय प्रवर्तन रणनीति के माध्यम से RPF ने रेलवे परिसर में सुरक्षा को काफी मजबूत किया है।

वित्त वर्ष 2025-26 में RPF ने यात्रियों के सामान की चोरी से संबंधित 219 मामले दर्ज किए। इसके बाद 285 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा RPF ने 1.29 करोड़ रुपए का प्रतिबंधित सामान और 55.29 करोड़ रुपए की नशीली दवाएं जब्त की हैं। RPF ने CEIR पोर्टल के माध्यम से चोरी हुए कुल 2,355 मोबाइल ब्लॉक किए और 291 फोन बरामद किया है। बरामद किए गए फोन को उनके मालिकों को लौटा दिया गया है।

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे को बड़ी सफलता

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे को वित्त वर्ष 2025-26 में बड़ी सफलता मिली है। रेलवे के CPRO कपिंजल किशोर शर्मा ने RPF की उपलब्धियों की सराहना की है। CPRO ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान रेलवे सुरक्षा बल ने सुरक्षा, संपत्ति संरक्षण और मानवीय सहायता के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया है। RPF ने यात्री सुरक्षा को मजबूत करने के साथ ही रेलवे संपत्ति की सुरक्षा में भी बड़ा योगदान दिया है।

रेलवे ने 1,125 लोगों को उनके घर पहुंचाया

RPF ने दर्ज हुईं पत्थरबाजी की 154 घटनाओं में त्वरित कार्रवाई करते हुए 116 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही पिछले वित्तीय वर्ष में जहां 437 अतिक्रमण हटाए गए थे। वहीं, इस वर्ष 699 अतिक्रमण हटाकर रिकॉर्ड बनाया गया। इस वर्ष 89 लोगों को मानव तस्करी के चंगुल से बचाया गया, जबकि पिछले वर्ष 2024-25 में यह संख्या केवल 10 थी। इसके अलावा, मानव तस्करी के मामलों को छोड़कर लड़के, लड़कियां और संकटग्रस्त महिलाओं सहित कुल 1,125 लोगों को संकट से उबारकर उनके परिवारों तक पहुंचाया गया। यह संख्या पिछले वर्ष के 952 से काफी अधिक है।

Updated on:
03 Apr 2026 11:59 pm
Published on:
03 Apr 2026 11:59 pm