Assam Elections: असम चुनाव के एग्जिट पोल पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा है कि यह सिर्फ टीवी डिबेट का मुद्दा है। उन्होंने दावा किया कि जनता ने बदलाव के लिए मतदान किया है और वह कांग्रेस की जीत को लेकर आश्वस्त है।
Assam Elections: विधानसभा चुनाव के बाद असम में सियासी माहौल तेज हो गया है और सभी दल नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। विभिन्न एग्जिट पोल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वापसी के संकेत मिलने से बहस और बयानबाजी बढ़ गई है। इसी बीच कांग्रेस ने इन अनुमानों को खारिज करते हुए अपनी जीत का दावा दोहराया है और वास्तविक जनादेश का भरोसा जताया है। असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई (Gaurav Gogoi) ने एग्जिट पोल को लेकर स्पष्ट कहा कि ये केवल टीवी डिबेट के लिए होते हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, एग्जिट पोल मुख्य रूप से टेलीविजन चर्चाओं के लिए होते हैं। हमारे लिए महत्वपूर्ण असम के लोगों द्वारा ईवीएम के जरिए दिया गया फैसला है। उनका मानना है कि असली नतीजे 4 मई को सामने आएंगे और कांग्रेस गठबंधन को पूरा भरोसा है कि जनता ने बदलाव के पक्ष में मतदान किया है। कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी कुछ चिंताएं जाहिर की हैं।
पार्टी नेताओं का कहना है कि उन्हें कई उम्मीदवारों से शिकायतें मिली हैं, जिनमें ईवीएम के रखरखाव और स्ट्रांग रूम सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए गए हैं। गौरव गोगोई ने कहा कि इन शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है और सभी मुद्दों को दस्तावेज कर उचित मंचों पर उठाया जा रहा है। यह मामला चुनावी पारदर्शिता और भरोसे से जुड़ा हुआ है, जिसे लेकर पार्टी सजग नजर आ रही है।
गौरव गोगोई ने यह भी दावा किया कि असम की जनता इस बार बदलाव चाहती है और उसी भावना के साथ वोटिंग हुई है। उन्होंने कहा कि असम बदलाव के पक्ष में जोरदार जनादेश देगा। भाजपा शायद इसे महसूस नहीं कर पाई, लेकिन इस बार लोगों ने चुपचाप परिवर्तन के लिए मतदान किया है। कांग्रेस का यह बयान संकेत देता है कि पार्टी जमीनी स्तर पर अपने प्रदर्शन को लेकर आश्वस्त है और एग्जिट पोल के विपरीत परिणाम की उम्मीद कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, एग्जिट पोल अक्सर वास्तविक परिणामों से अलग भी हो सकते हैं, इसलिए सभी दल अंतिम नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। असम की राजनीति में इस बार मुकाबला कड़ा माना जा रहा है, जहां गठबंधन की रणनीति और स्थानीय मुद्दे निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। अब सबकी नजर मतगणना के दिन पर टिकी है, जो राज्य की राजनीतिक दिशा तय करेगा।