
Crypto Scam India Case: मुंबई में ATC कॉइन क्रिप्टो घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने 55.50 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क कर दी हैं। इनमें 11 कमर्शियल दुकानें और 4 रिहायशी फ्लैट शामिल हैं। जांच में दावा किया गया है कि ये संपत्तियां निवेशकों से जुटाए गए पैसों से खरीदी गई थीं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) का कहना है कि इस मामले में करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत मिले हैं।
प्रवर्तन निदेशा (ED) की जांच (Crypto Scam India) में सामने आया कि इन संपत्तियों को कथित तौर पर निवेशकों से जुटाए गए पैसों से खरीदा गया था। एजेंसी का कहना है कि लोगों को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर ऊंचे और तय रिटर्न का लालच दिया गया। इसी के जरिए बड़ी रकम जुटाई गई और बाद में उस पैसे का इस्तेमाल संपत्तियां खरीदने में किया गया।
ED ने यह जांच वर्ष 2021 में मुंबई की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) द्वारा दर्ज मामले के आधार पर शुरू की थी। यह मामला ज्यूरिया सर्विसेज क्लब इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, वीवा कार्ड रिटेल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, सुभाषचंद्र रामरतन ज्यूरिया और चिराग रामरतन ज्यूरिया से जुड़ा है। इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) पहले ही इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने खुद को ATC Coin का प्रमोटर बताकर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया। दावा किया गया कि निवेश पर भारी और निश्चित मुनाफा मिलेगा। इस लालच में बड़ी संख्या में लोगों ने पैसा लगाया।
ED का कहना है कि इस तरह करीब 84 करोड़ रुपये निवेशकों से जुटाए गए। यह रकम ज्यूरिया सर्विसेज क्लब इंडिया के बैंक खातों में जमा कराई गई। बाद में अलग-अलग बैंक खातों और संबंधित कंपनियों के जरिए इस पैसे का लेन-देन किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि इसी रकम का एक हिस्सा मुंबई में दुकानें और फ्लैट खरीदने में लगाया गया। फिलहाल ED (Crypto Scam India) मामले की आगे की जांच कर रही है और पूरे वित्तीय लेन-देन की पड़ताल जारी है।