तहरीक-ए-तालिबान डायमर गिलगित-बाल्टिस्तान ने हाल ही में जारी वीडियो मैसेज में पाकिस्तान के सुरक्षा तंत्र पर हमले का संकेत दिया है, जिससे पाकिस्तान में खलबली मच गई है।
तहरीक-ए-तालिबान डायमर गिलगित बाल्टिस्तान के नाम से हाल ही में जारी एक वीडियो मैसेज ने पकिस्तान की चिंता बढ़ा दी है। इस ग्रुप ने पाकिस्तान के सिक्योरिटी सिस्टम पर हमले का संकेत दिया है। जिससे खलबली मच गई है।
इस संगठन का दावा है कि वह पाक सेना और खुफिया एजेंसी को जड़ से उखाड़ फेकेंगे। साथ ही यह भी दावा किया है कि उसकी किसी भी धार्मिक ग्रुप से लड़ाई नहीं है।
फेसबुक पर जारी एक वीडियो में, इस ग्रुप ने कहा कि उसकी लड़ाई पाकिस्तानी आर्मी, ISI और MI समेत इंटेलिजेंस सर्विस व पुलिस के खिलाफ है। इस ग्रुप ने सरकारी संस्थाओं और इलाके के अलग-अलग धार्मिक समुदायों के खिलाफ अपने कैंपेन में फर्क करने की कोशिश की।
इसके साथ ही इस बात पर जोर दिया कि शिया, सुन्नी और इस्माईली उसके दुश्मन नहीं हैं। मैसेज में आगे दावा किया गया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में शिया-सुन्नी के बीच कोई अंदरूनी फूट नहीं है।
संदेश में कहा गया है कि नागरिकों को एकता बनाए रखनी चाहिए और आपसी झगड़े में पड़ने से बचना चाहिए। इस मैसेज के साथ, उन्होंने लंबे समय तक इस इलाके में पाकिस्तानी आर्मी की कार्रवाइयों का विरोध किया।
डायमर के डिप्टी कमिश्नर अताउर रहमान काकर ने कहा कि गुरुवार सुबह करीब 11:16 बजे एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस में ब्लास्ट हुआ। यह तांगिर ब्रिज के पास था, जो FWO के तांगिर कैंप से करीब एक किलोमीटर दूर है।
संगठन के मुताबिक, बात करते समय किसी भी ग्रुप ने जिम्मेदारी लेने के लिए आगे नहीं आया था। धमाके में घायल हुए लोगों को चिलास के सरकारी अस्पतालों में ले जाया गया।
पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में केयरटेकर मिनिस्टर्स, राजनीतिक और धार्मिक पार्टियों के प्रतिनिधियों व सिविल सोसाइटी की आवाजों ने इस घटना की निंदा की और अधिकारियों पर आतंकवादी तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का दबाव डाला।