ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण होर्मुज स्ट्रेट का रास्ता बंद होने से दुनिया के कई देशों में ऊर्जा संकट पैदा हो गया है। इस कठिन परिस्थिति के बीच UAE के एक बंदरगाह पर क्रूड ऑयल लोड करते समय हमला हुआ, इस हमले में भारतीय जहाज बाल-बाल बच गया।
Iran-Israel Conflict: ईरान और इजरायल-अमेरिका संघर्ष के कारण होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से कई देशों में होने वाली ईंधन की सप्लाई बाधित हुई। ईरान-इजरायल तनाव की वजह से उपजे हालात का असर भारत पर पड़ा है। हालांकि, अब होर्मुज स्ट्रेट में धीरे-धीरे तनाव होने के आसार दिख रहे हैं। इस कठिन परिस्थिति के बीच डराने वाली खबर सामने आई है। भारत सरकार ने बताया कि संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा बंदरगाह पर भारतीय ध्वज वाले कच्चे तेल के टैंकर पर हमला हुआ। इस हमले में भारतीय ध्वज वाला टैंकर बाल-बाल बच गया। यह हमला उस समय हुआ, जब बंदरगाह पर 'जग लाडकी' जहाज में कच्चा तेल लोग हो रहा था। सरकार ने बताया कि जिस जहाज पर हमला हुआ था, वह अगले दिन सुरक्षित रूप से रवाना हो गया है। जहाज में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने भारतीय जहाज पर हमले की जानकारी दी है। मंत्रालय ने प्रेस रिलीज जारी करके बताया कि 14 मार्च 2026 को जब भारतीय ध्वज वाला पोत 'जग लाडकी' फुजैराह सिंगल प्वाइंट मूरिंग पर कच्चा तेल लोड कर रहा था, उसी दौरान फुजैराह तेल टर्मिनल पर हमला हुआ। यह पोत रविवार सुबह 10:30 बजे लगभग 80,800 टन मुरबान कच्चे तेल को लेकर फुजैराह से सुरक्षित रवाना हो गया है। यह जहाज भारत की ओर बढ़ रहा है। जहाज के भारतीय नाविक और इस पर सवार अन्य सभी लोग सुरक्षित हैं।
आज सुबह क्रूड ऑयल लेकर UAE से भारत के लिए रवाना हुआ 'जग लाडकी' जहाज खतरनाक होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से निकलने वाला चौथा भारतीय जहाज बन गया है। इसके पहले शनिवार को भारतीय ध्वज वाले 2 जहाज शिवालिक और नंदा देवी लगभग 92,712 टन LPG लेकर युद्धग्रस्त होर्मुज जलडमरूमध्य(होर्मुज स्ट्रेट) को सफलतापूर्वक पार कर गए।
भारतीय जहाज शिवालिक और नंदा देवी ने होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित पार कर लिया है। शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि शिवालिक 16 मार्च को गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंचने की उम्मीद है, जबकि नंदा देवी एक दिन बाद 17 मार्च को कांडला बंदरगाह पर पहुंचेगा। ये दोनों जहाज 92,700 टन LPG लेकर जा रहे हैं, जो भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण हैं। ये जहाज उन 24 भारतीय ध्वज वाले जहाजों में शामिल थे, जो पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से (फारस की खाड़ी) में फंसे हुए थे।
शिपिंग मंत्रालय ने बताया कि शिवालिक और नंदा देवी द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित पार करने के बाद अब वहां 22 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं। इन जहाजों में कुल 611 लोग सवार हैं। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और क्षेत्र में कोई अनहोनी नहीं हुई है। सरकार हर स्थिति पर कड़ी निगरानी कर रही है। इसके अलावा, भारतीय ध्वज वाला टैंकर जग प्रकाश शुक्रवार को ओमान के सोहार बंदरगाह से गैसोलीन लोड करने के बाद जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से से निकल गया। यह जहाज अब तंजानिया के तंगा बंदरगाह की ओर जा रहा है और 21 मार्च को वहां पहुंचने की संभावना है।